
भोपाल। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता CCB-4 करीब 150 किलोमीटर का सफर तय कर गुना जिले के फतेहगढ़ क्षेत्र में पहुंच गया है। सोमवार सुबह सरखेड़ा के जंगल में उसकी मौजूदगी सामने आने के बाद वन विभाग ने निगरानी और रेस्क्यू की कोशिशें तेज कर दी हैं।
चीते ने मध्य प्रदेश की सीमा पार कर राजस्थान के बारां जिले के जंगलों में भी 24 घंटे से ज्यादा समय बिताया। अब कूनो और गुना वन विभाग की संयुक्त टीमें उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसे वापस पार्क लाने में जुटी हैं।
36 घंटे में 150 किलोमीटर का सफर, राजस्थान के जंगलों से गुना पहुंचा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, CCB-4 ने लगभग 36 घंटे में 150 किलोमीटर की दूरी तय की है। शनिवार शाम को वह मध्य प्रदेश की सीमा छोड़कर राजस्थान के बारां जिले के कुरकुटी गांव के जंगलों की तरफ चला गया था। इसके बाद उसकी लोकेशन लगातार बदलती रही। राजस्थान के अलग-अलग जंगलों से गुजरते हुए सोमवार सुबह वह गुना जिले की सीमा में दाखिल हो गया।
इन गांवों और जंगलों से होकर गुजरा चीता
चीते की मूवमेंट का पता लगाने पर उसका रास्ता राजस्थान के कई इलाकों से होकर गुजरता मिला। शनिवार रात से सोमवार सुबह तक उसकी लोकेशन में लगातार बदलाव दर्ज किया गया।
उसके मूवमेंट का क्रम इस प्रकार सामने आया है:
- शनिवार शाम: मप्र की सीमा पार कर कुरकुटी गांव के जंगल की ओर बढ़ा।
- शनिवार रात: राजस्थान के बारां जिले के दुआ गांव पहुंचा।
- इसके बाद: सिलोरी, केदारकुई और खुशियारा के रास्ते अजरोड़ा के जंगलों में पहुंचा।
- रविवार शाम: इसी इलाके में उसकी मौजूदगी रही।
- रविवार रात: नाहरगढ़ क्षेत्र के जंगलों की तरफ बढ़ा।
- सोमवार सुबह: सरखेड़ा गांव के आसपास सड़क पार करते हुए दिखाई दिया।
सरखेड़ा पहुंचने के बाद चीता दिनभर जंगल में छिपा रहा। यह इलाका राजस्थान की सीमा के नजदीक स्थित है।
कूनो और गुना की टीमें जंगल में तैनात, GPS से निगरानी
CCB-4 की लोकेशन मिलने के बाद कूनो नेशनल पार्क की टीम भी उसके पीछे-पीछे सरखेड़ा पहुंच गई। गुना वन विभाग और कूनो की संयुक्त टीमें जंगल में डेरा डालकर उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
चीते की लोकेशन पता करने के लिए दो स्तरों पर निगरानी की जा रही है:
- GPS कॉलर के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है।
- ग्राउंड ट्रैकिंग टीमें जंगल में उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
वन विभाग का प्रयास है कि चीते को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर वापस कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया जाए।
ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने की सलाह, वन विभाग अलर्ट
फतेहगढ़ के सरखेड़ा क्षेत्र में चीते की मौजूदगी सामने आने के बाद आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और किसानों में डर का माहौल है। वन विभाग ने सरखेड़ा सहित आसपास के गांवों के लोगों को सावधानी बरतने और जंगल की तरफ नहीं जाने की हिदायत दी है। विभागीय टीमें चीते की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगातार निगरानी कर रही हैं।
मुरैना में चीते KNG-22 की हत्या के बाद अधिकारियों की चुप्पी
कूनो के चीते CCB-4 की नई लोकेशन को लेकर विभागीय अधिकारियों ने सार्वजनिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है। अधिकारियों की चुप्पी के पीछे मुरैना-श्योपुर सीमा पर हुई एक दूसरी घटना को भी अहम माना जा रहा है। दरअसल, कूनो नेशनल पार्क के चीते KNG-22 की सामान्य वनमंडल क्षेत्र में हत्या का मामला चर्चा में है। इस प्रकरण के बाद मुरैना डीएफओ समेत कई अधिकारी सवालों के घेरे में बताए जा रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चीते की सटीक लोकेशन और मूवमेंट सार्वजनिक करने से शिकारियों को उसकी जानकारी मिल सकती है। इससे CCB-4 की सुरक्षा को भी खतरा पैदा होने की आशंका है।
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