
भोपाल। मध्यप्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के लिए बुधवार बड़ा दिन लेकर आया है। लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त आज जारी होने जा रही है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav नरसिंहपुर के गोटेगांव से सिंगल क्लिक के जरिए महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर करेंगे। इस बार हर पात्र महिला के खाते में 1500 रुपए भेजे जाएंगे। सरकार के मुताबिक कुल 1835 करोड़ रुपए सीधे डीबीटी के जरिए ट्रांसफर किए जाएंगे। अब महिलाओं की नजर सिर्फ बैंक मैसेज पर टिकी है।
लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त आज जारी
राज्य सरकार के अनुसार, योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी और अप्रैल 2026 तक 35 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। आज ट्रांसफर होने वाली राशि इस योजना की 36वीं किस्त होगी। इस योजना का फायदा फिलहाल 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 महिलाओं को मिल रहा है। सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
1000 से बढ़कर 1500 रुपए हुई मासिक सहायता
जब योजना शुरू हुई थी, तब पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए दिए जाते थे। इसके बाद अक्टूबर 2023 में राशि बढ़ाकर 1250 रुपए कर दी गई। फिर नवंबर 2025 से सरकार ने मासिक सहायता को बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिया। लगातार बढ़ती राशि ने महिलाओं को घरेलू खर्च संभालने में राहत दी है।
महिलाओं के खातों में अब तक पहुंचे 55 हजार करोड़ से ज्यादा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून 2023 से अप्रैल 2026 तक महिलाओं के खातों में कुल 55,926.51 करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं। डीबीटी व्यवस्था लागू होने से पैसा सीधे आधार लिंक बैंक खातों में पहुंच रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और महिलाओं को बिना किसी बिचौलिए के लाभ मिल रहा है।
हर साल बढ़ता गया योजना का बजट
लाड़ली बहना योजना पर राज्य सरकार लगातार बड़ा बजट खर्च कर रही है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में योजना पर 14,726.05 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इसके बाद 2024-25 में यह राशि बढ़कर 19,051.39 करोड़ रुपए पहुंची, जबकि 2025-26 में सरकार ने 20,318.53 करोड़ रुपए खर्च किए। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना का बजट बढ़ाकर 23,882.81 करोड़ रुपए रखा गया है। इससे साफ है कि सरकार इस योजना को लंबे समय तक जारी रखने के संकेत दे रही है।
महिलाओं की जिंदगी में दिख रहा बदलाव
सरकार का कहना है कि यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रही। नियमित राशि मिलने से महिलाएं अब बच्चों की पढ़ाई, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च कर पा रही हैं। ग्रामीण और शहरी इलाकों की कई महिलाएं अब स्व-सहायता समूह, छोटे कारोबार और स्वरोजगार गतिविधियों से भी जुड़ रही हैं। इससे उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ी है।
किन महिलाओं को मिल रहा योजना का फायदा?
लाड़ली बहना योजना का लाभ ग्रामीण, शहरी, आदिवासी, तलाकशुदा, परित्यक्त और कल्याणी महिलाओं तक पहुंच रहा है। सरकार समय-समय पर त्योहारों और विशेष मौकों पर अतिरिक्त सहायता भी देती रही है। यही वजह है कि यह योजना मध्यप्रदेश की सबसे चर्चित महिला योजनाओं में शामिल हो चुकी है।
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