
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की लाडली बहना योजना सिर्फ एक आर्थिक योजना नहीं, बल्कि अब राजनीति की दिशा तय करने वाली ताकत बनती नजर आ रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ने लाडली बहनों को लेकर बड़ा बयान दिया है।
सीहोर में दिया बड़ा बयान
रविवार को में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लाडली बहनों ने चमत्कार कर दिया है। यह योजना इतनी हिट हुई कि अब देशभर में सरकारें इसे नाम बदल-बदलकर अपना रही हैं।
‘योजना नाम बदल-बदलकर चल रही है’
शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा, “लाडली बहनाओं ने तो चमत्कार कर दिया। योजना ऐसी हिट हुई कि नाम बदल-बदलकर हर एक सरकारें अपना रही हैं, क्योंकि योजना ऐसी है जिसने बहनों की जिंदगी बदल दी। बहनें इतनी अच्छी और सच्ची होती हैं कि भइया ने दिया है तो भइया को देंगी, चाहे कुछ भी हो जाए। नैय्या पार लगा देती हैं। ये योजना नाम बदल-बदलकर चल रही है।”
‘देश में चल नहीं रही, दौड़ रही है योजना’
उन्होंने आगे कहा,“पूरे देश में ये योजना चल नहीं रही, दौड़ रही है और सरकारें बना रही है। एक बात सुन लो मेरी बहनों, अब किसी में हिम्मत नहीं है कि इसे बंद कर दे। अब बहनें राजनीतिक ताकत बन गई हैं। उन्हें पता है कि किसी ने इस योजना से छेड़छाड़ की तो बहनें ही ठिकाने लगा देंगीं।”
‘मेरी बहनों की जिंदगी बदल गई’
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा पुण्य का काम है। “जिंदगी में ऐसा पुण्य का काम हो गया, जिसने मेरी बहनों की जिंदगी बदल दी। अब तो होड़ लगी है कि इतने नहीं, इतने देंगे।”
हर महीने 1500 रुपये मिल रहे हैं
मध्य प्रदेश सरकार लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं के खातों में हर महीने 1500 रुपये की राशि ट्रांसफर कर रही है। इस योजना से प्रदेश की करोड़ों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं।
राशि बढ़ाकर 5000 रुपये करने का दावा
मुख्यमंत्री कई बार सार्वजनिक मंचों से इस राशि को 3000 रुपये करने की बात कह चुके हैं। 17 दिसंबर को मध्य प्रदेश विधानसभा के 70 वर्ष पूरे होने पर हुए विशेष सत्र में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने योजना की किस्त 3000 रुपये करने की मांग की थी। इस पर सीएम ने जवाब देते हुए कहा था, “आप 3000 की बात कर रहे हैं, हम 5000 रुपये देंगे।”
योजना बनी राजनीतिक एजेंडा
लाडली बहना योजना अब सिर्फ कल्याणकारी योजना नहीं रही, बल्कि चुनावी राजनीति और सरकारों की प्राथमिकता का बड़ा आधार बनती जा रही है।
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