
भोपाल। अगर आप भोपाल में प्लॉट या मकान खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर प्रॉपर्टी रेट बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। इस बार सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में जमीन और मकान के दाम 15 से 20 फीसदी तक बढ़ाए जाने की तैयारी है। इसके लिए प्रशासन ने जमीनी स्तर पर सर्वे और रिकॉर्ड जुटाने का काम शुरू कर दिया है।
जिलेभर में बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के दाम
भोपाल जिले में जिन इलाकों में गाइडलाइन से ज्यादा दामों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं, वहां प्रॉपर्टी रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पंजीयन विभाग ने ऐसे सभी क्षेत्रों का रिकॉर्ड राजस्व विभाग से मांगा है।
इन इलाकों में हुए विकास कार्यों, सड़क, कॉलोनियों और तेजी से बढ़ी खरीद-फरोख्त को आधार बनाकर नए रेट तय किए जाएंगे।
कलेक्टर गाइडलाइन 2026-27 की तैयारी तेज
वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
हालांकि उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक मंगलवार को प्रस्तावित थी, लेकिन किसी कारणवश यह बैठक नहीं हो सकी। अब जल्द ही बैठक बुलाकर गाइडलाइन के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद इसे जिला मूल्यांकन समिति के पास भेजा जाएगा।
पटवारियों से मंगवाया गया जमीन का रिकॉर्ड
भोपाल जिले की नगरीय और ग्रामीण सीमा में हाल के महीनों में बड़े पैमाने पर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त हुई है।
इसी को देखते हुए पटवारियों से रिकॉर्ड तैयार कर मंगवाया गया है, ताकि यह साफ हो सके कि—
किन इलाकों में तय रेट से ज्यादा दाम पर रजिस्ट्रियां हुईं
कितनी जमीन गाइडलाइन से ऊपर बिकी
हुजूर, कोलार और बैरसिया तहसील में एसडीएम और तहसीलदारों की निगरानी में सर्वे कराया जा रहा है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा डिमांड
भोपाल के कई इलाके इस समय रियल एस्टेट के हॉटस्पॉट बने हुए हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
कटारा हिल्स, अवधपुरी, खजूरी कलां, 11 मील, सलैया, मिसरोद, कोलार, नर्मदापुरम रोड, रातीबड़, नीलबड़, मुगालिया छाप, ईंटखेड़ी छाप, फंदा, परवलिया सड़क, गांधीनगर, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, लांबाखेड़ा, करोंद, अचारपुरा, पुरामनभावन, देवलखेड़ी, श्यामपुर सहित कई नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं।
यहीं पर सबसे ज्यादा रजिस्ट्रियां हो रही हैं और दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
फरवरी में लग सकती है अंतिम मुहर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजीयन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ ही दिनों में प्रस्ताव तैयार कर लिया जाएगा।
फरवरी में उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक के बाद नई दरों पर फैसला लिया जा सकता है। जिन इलाकों में तय कीमत से अधिक रजिस्ट्रियां पाई गई हैं, वहां 15 से 20 फीसदी तक प्रॉपर्टी रेट बढ़ने की पूरी संभावना है।
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