
भोपाल। Lawrence Gang MP के नाम पर मध्यप्रदेश में दहशत फैलाने वाले गैंग पर बड़ा एक्शन हुआ है। 10 करोड़ की फिरौती मांगने वाले मामले में मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इस कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं।
भोपाल से शुरू हुआ मामला, वीडियो भेजकर फैलाई दहशत
राजधानी भोपाल के कोलार रोड पर रहने वाले कारोबारी गौरव जैन को पहले व्हाट्सऐप कॉल के जरिए धमकी दी गई। इसके बाद गैंग ने उनकी रेकी कर वीडियो बनाए और भेजे, ताकि डर और दबाव बढ़ाया जा सके। यह तरीका साफ दिखाता है कि गैंग सिर्फ धमकी नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ मनोवैज्ञानिक दबाव बना रहा था—और यही पैटर्न अब कई शहरों में सामने आया है।
6 कारोबारियों को निशाना, इंदौर-खरगोन भी शामिल
अब तक सामने आया है कि प्रदेश के कम से कम 6 कारोबारियों को इसी तरह धमकियां दी गईं। इनमें इंदौर के साउथ तुकोगंज और खरगोन के कारोबारी भी शामिल हैं। लगातार बढ़ते मामलों के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने SIT गठित कर जांच तेज कर दी थी—और यहीं से पुलिस को पहली बड़ी सफलता मिली।
यूपी से मिला सुराग, नेपाल भागने से पहले दबोचा गया मास्टरमाइंड
जांच के दौरान STF ने 16 अप्रैल को यूपी के बांदा से निर्मल तिवारी को पकड़ा। वह कारोबारी की रेकी कर वीडियो भेज रहा था। पूछताछ में उसने सरगना आनंद मिश्रा का नाम लिया, जिसके बाद SIT ने उसे एमपी-यूपी बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि वह नेपाल भागने की तैयारी में था—लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने घेर लिया।
राजस्थान कनेक्शन भी सामने, फंडिंग करने वाला आरोपी गिरफ्तार
जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला जेपी डारा इस गैंग को फंडिंग और संसाधन उपलब्ध करा रहा था। उसे भी गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। अब उससे गैंग के अन्य सदस्यों, खासकर हैरी बॉक्सर के बारे में पूछताछ की जा रही है—जिससे नेटवर्क और बड़ा निकल सकता है।
STF का दावा—और बड़े खुलासे बाकी
STF के एडीजी डी. श्रीनिवास वर्मा के मुताबिक, टीम लगातार कार्रवाई कर रही है और कई संदिग्ध रडार पर हैं। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं। सवाल अब यही है—क्या यह गैंग पूरी तरह खत्म होगा या इसके और चेहरे सामने आएंगे?l
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