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CM मोहन यादव की 2026 की पहली बड़ी बैठक, ‘विकसित गांव’ और VB जी राम जी योजना को लेकर मंत्रियों को मिले सख्त निर्देश

07 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
CM मोहन यादव की 2026 की पहली बड़ी बैठक, ‘विकसित गांव’ और VB जी राम जी योजना को लेकर मंत्रियों को मिले सख्त निर्देश

CM मोहन यादव की 2026 की पहली बड़ी बैठक, ‘विकसित गांव’ और VB जी राम जी योजना को लेकर मंत्रियों को मिले सख्त निर्देश

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल के मुख्यमंत्री निवास में मंगलवार को माहौल काफी गंभीर और सक्रिय नजर आया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नए साल में पहली बार अपने सभी मंत्रियों के साथ बड़ी बैठक बुलाई। करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में दोनों डिप्टी सीएम समेत प्रदेश सरकार के तमाम मंत्री मौजूद रहे। बैठक का मकसद साफ था – साल 2026 में सरकार को गांव-गांव तक मजबूत करना और योजनाओं को जमीन पर उतारना।


‘विकसित गांव’ बनाने पर खास फोकस

बैठक में सबसे अहम मुद्दा था – मध्य प्रदेश के गांवों को ‘विकसित गांव’ के रूप में तैयार करने की रणनीति। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि अब योजनाएं फाइलों में नहीं, बल्कि गांव की गलियों में दिखनी चाहिए।

मंत्रियों को निर्देश दिए गए कि हर गांव की जरूरत के हिसाब से काम किया जाए। किसानों, मजदूरों और युवाओं से सीधे संवाद बढ़ाया जाए और सरकारी योजनाओं का फायदा आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। सीएम ने साफ कहा कि साल 2026 में सरकार की असली पहचान गांवों में नजर आनी चाहिए।


VB जी राम जी योजना पर कांग्रेस के हमलों का जवाब

बैठक में मनरेगा योजना का नाम बदलने के बाद शुरू हो रही VB जी राम जी योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस इस नाम परिवर्तन को लेकर लगातार हमलावर है। इसी को देखते हुए सरकार ने तय किया कि अब मंत्री खुद गांव-गांव जाकर इस योजना के नए प्रावधानों और इसके फायदों की जानकारी लोगों को देंगे। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि कांग्रेस के विरोध को केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि जनता को सही जानकारी देकर कमजोर किया जाए। लोगों को बताया जाए कि— इस योजना से रोजगार के क्या नए अवसर मिलेंगे, गांवों में कौन-कौन से काम होंगे, और इससे आम आदमी की जिंदगी कैसे बेहतर बनेगी।


SIR को लेकर शिकायतें, नाम कटने पर जताई चिंता

बैठक में SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर भी चिंता जताई गई। जानकारी सामने आई कि कई जगहों से शिकायतें आई हैं कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम कट गए हैं। मंत्रियों ने इस पर गंभीरता से चर्चा की और कहा कि— जिनके नाम गलती से हटे हैं, उनकी तुरंत समीक्षा की जाए, जनता को परेशान न होना पड़े, इसका ध्यान रखा जाए, और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। सरकार चाहती है कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह का असंतोष न पनपे।


2026 में मंत्री रहेंगे फील्ड में ज्यादा एक्टिव

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस बैठक में साफ संदेश दिया कि 2026 में मंत्री सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्हें ज्यादा से ज्यादा फील्ड में रहकर काम करना होगा।

निर्देश दिए गए कि— किसान कल्याण कार्यक्रम नियमित रूप से हों, योजनाओं की जानकारी देने के लिए गांवों में चौपाल लगाई जाए, और लोगों की शिकायतों का समाधान मौके पर ही किया जाए। सीएम ने कहा कि सरकार की जड़ें तभी मजबूत होंगी, जब मंत्री खुद जनता के बीच जाकर काम करेंगे।


डिजिटल इंडिया की झलक, कैबिनेट को मिले टैबलेट

बैठक में ‘डिजिटल इंडिया’ को जमीन पर उतारने पर भी जोर दिया गया। इसकी शुरुआत आज होने वाली कैबिनेट बैठक से ही कर दी गई है, जहां मंत्रियों को नए टैबलेट दिए गए हैं। सीएम ने कहा कि— हर काम में डिजिटल सिस्टम दिखना चाहिए, फाइलें, रिपोर्ट और योजनाएं ऑनलाइन ट्रैक हों, और इससे पारदर्शिता के साथ-साथ काम की रफ्तार भी बढ़े।


विकसित भारत 2047 की तर्ज पर विकसित मध्य प्रदेश का सपना

बैठक के अंत में ‘विकसित भारत 2047’ की तर्ज पर ‘विकसित मध्य प्रदेश’ बनाने को लेकर भी गहन मंथन हुआ। मंत्रियों को कहा गया कि वे अपने-अपने विभागों में ऐसे प्रस्ताव लाएं, जिससे राज्य आने वाले वर्षों में विकास के नए मुकाम छू सके। सरकार का मानना है कि अगर अभी से ठोस रणनीति पर काम किया गया, तो मध्य प्रदेश 2047 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

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