
नीमच से सामने आई ये कहानी किसी फिल्मी सीन जैसी लगती है, लेकिन हकीकत है और बेहद डरावनी भी। सोचिए, अगर कोई आपको रोजाना वीडियो कॉल पर धमकाए, पुलिस बनकर बोले कि आपका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में आ गया है, बाहर निकले तो जेल भेज देंगे… तो आप क्या करेंगे? नीमच के एक रिटायर्ड शासकीय दंपती के साथ ठीक यही हुआ। साइबर ठगों ने उन्हें 15 दिन तक घर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके रखा और 60 लाख रुपये की एफडी तुड़वा ली। वक्त रहते इंदौर में रहने वाली बेटी ने हालात भांप लिए और अपने माता-पिता को पूरी तरह तबाह होने से बचा लिया।
15 दिन का डर, घर बना ‘जेल’
विकास नगर इलाके में रहने वाले इस बुजुर्ग दंपती ने पुलिस को बताया कि 8 दिसंबर से उन्हें लगातार वाट्सएप पर ऑडियो और वीडियो कॉल आ रहे थे। सामने वाला खुद को दिल्ली का पुलिस कमिश्नर बताता था। उसने कहा कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में सामने आया है और अगर उन्होंने किसी से बात की या घर से बाहर कदम रखा तो तुरंत गिरफ्तारी होगी। ठगों ने इतनी चालाकी से कानून की बातें कीं कि रिटायर्ड अफसर दंपती भी डर में आ गए। उन्हें यह तक कह दिया गया कि वे कैमरे पर ही रहेंगे, फोन नहीं काटेंगे और किसी से संपर्क नहीं करेंगे। धीरे-धीरे घर ही उनके लिए जेल बन गया।
बेटी को बदला व्यवहार खटका, खुल गया पूरा खेल
इंदौर में रहने वाली बेटी को जब माता-पिता के फोन पर अजीब सवाल सुनाई दिए, तो उसे कुछ गड़बड़ लगा। बातों में डर और घबराहट साफ झलक रही थी। बेटी ने बिना देर किए क्राइम ब्रांच इंदौर की साइबर सेल से संपर्क किया। 22 दिसंबर को इंदौर से नीमच साइबर सेल को जानकारी दी गई। मामला नीमच एसपी अंकित जायसवाल तक पहुंचा। उनके निर्देश पर पुलिस टीम सीधे दंपती के घर पहुंची। शुरुआत में दोनों इतना डरे हुए थे कि खुलकर बात करने से भी कतराने लगे। करीब दो घंटे की समझाइश के बाद उन्होंने बताया कि वे पिछले 15 दिनों से डिजिटल अरेस्ट में थे।
60 लाख की एफडी तुड़वाई, पुलिस पहुंचते ही ठग गायब
ठगों ने कानून और जेल का डर दिखाकर दंपती की करीब 60 लाख रुपये की एफडी तुड़वा ली। उन्हें अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें समझाया कि ये सब ठगी है, ठगों की कॉल अचानक बंद हो गई। नीमच पुलिस अब इस मामले में साइबर ठगों की पहचान और पैसों की रिकवरी के लिए बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है।
जेट एयरवेज केस का बहाना, रिटायर्ड बैंक अफसर से 5 लाख की ठगी
सिर्फ नीमच ही नहीं, इंदौर में भी ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से रिटायर्ड डिप्टी मैनेजर को ठगों ने जेट एयरवेज और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर पांच लाख रुपये ठग लिए। 17 नवंबर को उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आया। पहले जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल की तस्वीरें भेजी गईं, फिर वीडियो कॉल पर बताया गया कि ईडी जांच में गोयल ने उनके नाम का खुलासा किया है। आरोप लगाया गया कि उनके नाम से मुंबई की कैनरा बैंक में फर्जी खाता खुला है और 20 करोड़ की हेराफेरी में वे शामिल हैं। पांच दिनों तक अलग-अलग एजेंसियों के अधिकारी बनकर उनसे पूछताछ की गई और गिरफ्तारी वारंट दिखाने की धमकी दी गई। डर के माहौल में उनसे पांच लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करवा लिए गए।
कैसे बचें ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे फ्रॉड से
कोई भी पुलिस, ईडी या सीबीआई अधिकारी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करता।
वाट्सएप या वीडियो कॉल पर धमकी देना सीधा फ्रॉड का संकेत है।
डराकर गोपनीयता बनाए रखने को कहा जाए तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
ऐसे किसी भी मामले में 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर सेल से संपर्क करें।
परिवार के बुजुर्गों को इन तरीकों के बारे में समय-समय पर जागरूक करें।
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