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2027 से निकाय चुनाव होंगे सख्त! कैंडिडेट्स को बताने पड़ेंगे आपराधिक केस, आमदनी-जायदाद का पूरा हिसाब

24 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
2027 से निकाय चुनाव होंगे सख्त! कैंडिडेट्स को बताने पड़ेंगे आपराधिक केस, आमदनी-जायदाद का पूरा हिसाब

2027 से निकाय चुनाव होंगे सख्त! कैंडिडेट्स को बताने पड़ेंगे आपराधिक केस, आमदनी-जायदाद का पूरा हिसाब

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में निकाय चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए नियम और सख्त कर दिए गए हैं। लोकसभा-विधानसभा चुनाव की तर्ज पर, अब नगरीय निकाय चुनाव में भी नामांकन के साथ शपथ-पत्र देना अनिवार्य होगा। इस शपथ-पत्र में उम्मीदवारों को अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मामलों, उनकी वर्तमान स्थिति, संपत्ति-कर्ज, आय स्रोत, और चुनावी खर्च का पूरा ब्यौरा देना होगा। राज्य के अधिकांश निकाय चुनाव 2027 में होने जा रहे हैं। इससे पहले यदि कोई उपचुनाव होता है, तब भी नए नियम लागू होंगे।


जानकारी छिपाई तो नामांकन होगा रद्द

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरपालिका निर्वाचन नियम में संशोधन करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है।

नए नियमों के अनुसार महापौर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षद पद के सभी उम्मीदवारों ने यदि शपथ-पत्र नहीं दिया या गलत जानकारी दी, तो नामांकन सीधे रद्द कर दिया जाएगा।


शपथ-पत्र में क्या-क्या देना होगा?

➡ आपराधिक पृष्ठभूमि

2 साल या उससे अधिक सजा वाले कितने केस?

थाना, एफआईआर नंबर और जिला विवरण


➡ संपत्ति-कर्ज का ब्यौरा

स्वयं, पति/पत्नी व तीन बच्चों की आय

टैक्स, लोन, आय के स्रोत

चल-अचल संपत्ति, संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति

शेयर, कंपनियों में निवेश


➡ चुनावी खर्च का लेखा-जोखा

 खर्च की अधिकतम सीमा राज्य निर्वाचन आयोग की सलाह के बाद नगरीय विकास विभाग तय करेगा।


क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

✔ पारदर्शिता बढ़ेगी

✔ अपराधी छवि वाले उम्मीदवारों पर अंकुश

✔ मतदाताओं को सही जानकारी

✔ चुनावी खर्च पर निगरानी

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