
भोपाल। राज्य सरकार सोमवार को लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत आगे की प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण बैठक करने जा रही है। इसमें 20 विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पदोन्नति से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा होगी। करीब एक वर्ष पहले जारी किए गए पदोन्नति नियमों पर हाईकोर्ट का निर्णय अभी नहीं आया है। इसके बावजूद सरकार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, जिस पर सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संस्था (SPEAK) ने आपत्ति दर्ज कराई है।
मंत्रालय में होगी अधिकारियों की बैठक
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मंत्रालय में बैठक बुलाई है। इसमें 20 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्षों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभागों को उप सचिव स्तर के अधिकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक की अध्यक्षता सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव करेंगे।
X और Y निर्धारण पर होगा मंथन
बैठक में मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के नियम-5 के तहत विभिन्न संवर्गों के लिए X एवं Y निर्धारण पर चर्चा की जाएगी। खास तौर पर उन संवर्गों के लिए मानक तय करने पर विचार होगा, जहां यह संख्या 0 या 1 निर्धारित की जानी है। साथ ही एससी-एसटी वर्ग के लिए पदों की गणना से जुड़े बिंदुओं पर भी अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी।
इन विभागों के अधिकारी होंगे शामिल
बैठक में इन विभागों के अधिकारी भाग लेंगे—
- सामान्य प्रशासन विभाग
- औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन
- कृषि
- योजना
- एमएसएमई
- मत्स्य
- उच्च शिक्षा
- जल संसाधन
- श्रम
- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी
- सामाजिक न्याय
- संस्कृति
- तकनीकी शिक्षा
- वाणिज्यिक कर
- उद्यानिकी
- जेल
- जनजातीय कार्य
- लोक निर्माण
- परिवहन
- कुटीर एवं ग्रामोद्योग
SPEAK ने सरकार की तैयारी पर जताई आपत्ति
सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संस्था (SPEAK) ने प्रस्तावित नियमों का विरोध किया है। संस्था के अध्यक्ष डॉ. के.एस. तोमर का कहना है कि सरकार न्यायालय का फैसला आने से पहले ही पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है। उनके अनुसार इससे सामान्य, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
2016 से लंबित मामलों का भी उठाया मुद्दा
संस्था का कहना है कि वर्ष 2016 से पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित रही है। यदि नए नियम केवल 2025 से लागू किए जाते हैं तो 2016 से 2025 के बीच प्रभावित कर्मचारियों और इस अवधि में सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों के हितों पर असर पड़ सकता है।
इन प्रावधानों पर भी दर्ज कराई आपत्ति
SPEAK ने कई अन्य प्रावधानों पर भी सवाल उठाए हैं। इनमें शामिल हैं—
- वरिष्ठता निर्धारण
- कॉमन विचारण सूची
- आरक्षित वर्ग के अधिकारियों को अनारक्षित पदों पर विचार
- प्रतीक्षा सूची
- बैकलॉग पदों को भविष्य के लिए सुरक्षित रखना
संस्था ने कहा है कि बैठक पूरी होने के बाद वह अपने अगले कदम की घोषणा करेगी।
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