
भोपाल। देश में रसोई गैस की बढ़ती मांग और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब ग्रामीण इलाकों में गैस उपभोक्ता नया LPG सिलेंडर केवल 45 दिन बाद ही बुक कर पाएंगे। इस फैसले का असर मध्य प्रदेश सहित देशभर के लाखों ग्रामीण परिवारों पर पड़ेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लागू हुआ नया नियम
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में LPG सिलेंडर की बुकिंग के लिए अब 45 दिन का लॉक-इन पीरियड तय कर दिया गया है। यानी अगर किसी उपभोक्ता को आज गैस सिलेंडर मिला है, तो वह अगला सिलेंडर कम से कम 45 दिन बाद ही बुक कर सकेगा। मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना और सामान्य LPG कनेक्शन के जरिए गैस का उपयोग करते हैं, इसलिए इस नियम का सीधा असर ग्रामीण घरों पर देखने को मिल सकता है।
गैस की जमाखोरी रोकने के लिए लिया गया फैसला
सरकार के अनुसार हाल के दिनों में कई जगहों पर गैस सिलेंडरों की अनावश्यक बुकिंग और जमाखोरी की शिकायतें सामने आई थीं। कई राज्यों में गोदामों पर छापेमारी भी की गई। कुछ लोगों द्वारा जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करने के कारण वास्तविक जरूरत वाले उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही थी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए सप्लाई को संतुलित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
10 दिन में तीसरी बार बदला नियम
LPG बुकिंग को लेकर हाल के दिनों में नियमों में तेजी से बदलाव हुआ है।
पहले दो सिलेंडरों के बीच कोई निश्चित समय सीमा नहीं थी
6 मार्च को पहली बार 21 दिन का अंतर तय किया गया
इसके बाद इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया
अब ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन का लॉक-इन लागू किया गया है
हालांकि फिलहाल शहरी उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग गैप 25 दिन ही रखा गया है।
मध्य प्रदेश में क्या होगा असर?
मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में लाखों परिवार LPG गैस पर निर्भर हैं।
नए नियम लागू होने के बाद:
परिवारों को गैस का उपयोग अधिक सावधानी से करना होगा
संयुक्त परिवारों में गैस जल्दी खत्म होने की समस्या बढ़ सकती है
कई लोग अतिरिक्त सिलेंडर रखने की कोशिश कर सकते हैं
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे गैस की मांग नियंत्रित रहेगी, लेकिन ग्रामीण परिवारों को गैस की बचत पर अधिक ध्यान देना पड़ेगा।
OTP से होगी गैस डिलीवरी की पुष्टि
गैस वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एक और व्यवस्था लागू की गई है।
अब सिलेंडर डिलीवरी के समय उपभोक्ता के मोबाइल पर OTP (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाएगा।
OTP बताने के बाद ही डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इससे फर्जी डिलीवरी और गड़बड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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