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LPG Crisis: जिन घरों में PNG कनेक्शन, उन्हें लौटाना होगा LPG सिलेंडर! सरकार का नया आदेश
17 मार्च, 2026 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
LPG Crisis: जिन घरों में PNG कनेक्शन, उन्हें लौटाना होगा LPG सिलेंडर! सरकार का नया आदेश
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। रसोई गैस की लगातार बनी कमी के बीच सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब जिन घरों में पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध है, उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से गैस की उपलब्धता बेहतर होगी और जिन परिवारों के पास पाइप्ड गैस नहीं है, उन्हें राहत मिल सकेगी। इस निर्णय का असर शहर के करीब 1.05 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है।


गैस बुकिंग में 15% तक कमी आने का अनुमान

अधिकारियों के मुताबिक PNG कनेक्शन वाले घरों से LPG हटाने के बाद गैस सिलेंडर की मांग में कमी आएगी। अनुमान है कि इससे एलपीजी बुकिंग और रीफिलिंग करीब 15 प्रतिशत तक घट सकती है। इससे गैस एजेंसियों पर दबाव कम होगा और जरूरतमंद परिवारों को समय पर सिलेंडर मिल सकेगा।


जरूरतमंदों को प्राथमिकता देने की तैयारी

जिला खाद्य नियंत्रक एम.एल. मारू के अनुसार यह निर्णय उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिनके पास पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि फिलहाल गैस सप्लाई सीमित होने के कारण वितरण को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है ताकि आवश्यक सेवाओं पर असर कम पड़े।


स्कूल और अस्पतालों को सीमित सप्लाई

गैस एजेंसियों ने कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति भी फिलहाल सीमित स्तर पर शुरू की है। अभी स्कूलों को और अस्पतालों को करीब 40 से 50 प्रतिशत तक गैस सप्लाई दी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे, अन्य क्षेत्रों में भी आपूर्ति बढ़ाई जाएगी।


उद्योगों के सामने नई मुश्किल

गैस संकट का असर उद्योगों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई गैस आधारित उद्योग कच्चे माल और एलपीजी की कमी के कारण मुश्किल में हैं। वैकल्पिक ईंधन के तौर पर इस्तेमाल होने वाली PNG भी अब महंगी हो गई है। गैस कंपनियों ने इसकी कीमत में करीब 1 रुपये प्रति एससीएम की बढ़ोतरी कर दी है। साथ ही पहले मिलने वाला 1.5 रुपये का डिस्काउंट भी खत्म कर दिया गया है। इस तरह कुल मिलाकर PNG की कीमत में लगभग 2.5 रुपये प्रति एससीएम की बढ़ोतरी हो गई है।


जमीनी स्तर पर अब भी लोगों की परेशानी

हालांकि प्रशासनिक कदमों के बावजूद आम लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। परदेशीपुरा में चाय-पोहे का ठेला लगाने वाले नरेंद्र सोमवंशी का कहना है कि वे कई दिनों से गैस एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक सिलेंडर नहीं मिल पाया। वहीं तिलकनगर निवासी विजेंद्र कटारिया के अनुसार बार-बार प्रयास करने के बाद भी गैस बुकिंग में दिक्कतें आ रही हैं।


क्या है सरकार की रणनीति?

सरकार का उद्देश्य है कि जिन घरों में पहले से पाइप्ड गैस की सुविधा मौजूद है, वहां LPG की जरूरत कम की जाए। इससे सिलेंडर उन परिवारों तक पहुंच सकेंगे जिनके पास अभी भी गैस का दूसरा विकल्प नहीं है। अगर यह योजना सफल रहती है, तो आने वाले समय में गैस वितरण प्रणाली को और संतुलित करने की दिशा में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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