
नई दिल्ली। सीजफायर के बाद राहत की खबर आई है, लेकिन सरकार ने खतरे को भांपते हुए बड़ा कदम उठाया है। LPG सप्लाई को लेकर नया फॉर्मूला लागू कर दिया गया है, ताकि देश में किसी तरह की कमी न हो।
होर्मुज खुलते ही टला संकट
होर्मुज स्ट्रेट खुलने के बाद तेल-गैस की सप्लाई फिर से सामान्य होने लगी है। यह वही रास्ता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा ऊर्जा हासिल करता है। इसके बंद होने से कीमतें तेजी से बढ़ गई थीं और भारत में भी संकट की आशंका गहराने लगी थी।
सरकार का नया LPG फॉर्मूला क्या है?
केंद्र सरकार ने LPG सप्लाई को लेकर नया प्लान लागू किया है। राज्यों को 70% नॉन-डोमेस्टिक LPG आवंटन, अतिरिक्त 10% गैस उन राज्यों को, जो PNG इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाएंगे। इससे गैस वितरण को संतुलित और भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है।
राज्यों को दिए गए 3 बड़े निर्देश
सरकार ने सभी राज्यों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं:
- Natural Gas Distribution Order 2026 लागू करें
- PNG सुधार से जुड़े 10% अतिरिक्त आवंटन का लाभ लें
- CBG (Compressed Biogas) नीति जल्द लागू करें
इन कदमों से गैस आपूर्ति को मजबूत बनाने की योजना है…
किन सेक्टर्स को मिलेगा ज्यादा फायदा?
सरकार ने कुछ अहम सेक्टर्स को प्राथमिकता दी है, ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों। इनमें फार्मा, फूड, कृषि, स्टील, पैकेजिंग, मेटल, ग्लास जैसे उद्योग शामिल हैं, जिन्हें उनकी पहले की खपत का करीब 70% LPG दिया जाएगा।
क्यों जरूरी था यह फैसला?
अगर इन उद्योगों को गैस नहीं मिलती, तो रोजमर्रा की जरूरतों—खाद्य उत्पादन से लेकर दवाइयों तक—पर असर पड़ सकता था। सरकार का यह कदम इसी जोखिम को कम करने और सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए उठाया गया है।
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