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मध्यप्रदेश की 12 उद्यानिकी फसलों को जीआई टैग, सीएम बोले- 2030 तक 30 लाख हेक्टेयर होगा रकबा

01 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्यप्रदेश की 12 उद्यानिकी फसलों को जीआई टैग, सीएम बोले- 2030 तक 30 लाख हेक्टेयर होगा रकबा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश ने उद्यानिकी क्षेत्र में एक नई उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य की 12 उद्यानिकी फसलों को एक साथ जीआई (Geographical Indication) टैग मिलने से प्रदेश ने इतिहास रच दिया है।


मुख्यमंत्री के अनुसार, यह देश का पहला अवसर है जब किसी एक राज्य की इतनी बड़ी संख्या में उद्यानिकी फसलों को एक साथ जीआई टैग प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसे कृषक कल्याण वर्ष की बड़ी सफलता बताया।


2030 तक 30 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में करीब 28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों की खेती की जा रही है। सरकार ने वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 30 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।


इन फसलों को मिला जीआई टैग

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन उत्पादों को जीआई टैग मिला है, उनमें शामिल हैं—


गुना का धनिया

नरसिंहपुर बरमान घाट का बैंगन

बैतूल का गजरिया आम

खरगौन की लाल मिर्च

मांडू की खुरसानी इमली

जबलपुर का मटर

सिवनी का सीताफल

मालवी आलू और गराड़ू

नरसिंहपुर का गुड़

जबलपुर का सिंघाड़ा

आलीराजपुर का नूरजहां आम

बुरहानपुर का केला

इंदौरी जीरावन

रतलाम सैलाना की बालम ककड़ी

छतरपुर का पान


मुख्यमंत्री ने कहा कि इन उत्पादों को जीआई टैग मिलना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।


इन उत्पादों के लिए भी भेजे गए प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कई अन्य स्थानीय उत्पादों को भी जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। इनमें शामिल हैं—


उज्जैन की इमली

आलीराजपुर का अचारी आम

मालवा का सफेद प्याज

झाबुआ का दाल पानिया

मंदसौर का देशी जीरा

बुरहानपुर की जलेबी

अशोकनगर की खिरनी


उन्होंने भरोसा जताया कि इन उत्पादों को भी भविष्य में जीआई टैग दिलाने के प्रयास जारी रहेंगे।

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