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मध्यप्रदेश: 31 मार्च तक अफसरों के लिए नई गाड़ियां-एसी खरीद पर रोक

20 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्यप्रदेश: 31 मार्च तक अफसरों के लिए नई गाड़ियां-एसी खरीद पर रोक

मध्यप्रदेश: 31 मार्च तक अफसरों के लिए नई गाड़ियां-एसी खरीद पर रोक

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। विधानसभा के फरवरी में प्रस्तावित बजट सत्र से पहले मध्यप्रदेश के वित्त विभाग ने खर्चों पर लगाम कस दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि 31 मार्च से पहले अफसरों के लिए नई गाड़ियां खरीदने, दफ्तरों में एसी लगवाने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या फर्नीचर खरीदने जैसे प्रस्तावों के लिए एक रुपया भी नहीं दिया जाएगा। इस फैसले को फिजूलखर्ची रोकने और वित्तीय अनुशासन मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


तीसरे अनुपूरक बजट में लग्जरी खर्चों पर रोक

वित्त विभाग ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि तीसरे अनुपूरक बजट में ऐसे किसी भी प्रस्ताव को शामिल न किया जाए जो गैर-जरूरी खरीद से जुड़ा हो। विभाग का स्पष्ट कहना है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग केवल अनिवार्य और जनहित के कार्यों में ही किया जाए।


फरवरी सत्र में पेश होगा तीसरा अनुपूरक

अगले महीने शुरू होने वाले विधानसभा बजट सत्र के दौरान वर्ष 2025-26 का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इस बार बजट निर्माण जीरो बेस्ड बजट प्रणाली के आधार पर किया गया है, जिसमें हर मद की नए सिरे से समीक्षा की गई है। सरकार का फोकस पुराने लंबित बिलों को कम करने और वास्तविक जरूरतों के आधार पर प्रावधान करने पर है।


23 जनवरी तक ही भेजने होंगे ऑनलाइन प्रस्ताव

वित्त विभाग ने साफ कर दिया है कि तीसरे अनुपूरक बजट के लिए प्रस्ताव केवल 23 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। हर प्रस्ताव को पहले संबंधित प्रशासकीय विभाग से अनुमोदन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही योजना का सेगमेंट कोड, नाम और वित्तीय विवरण स्पष्ट रूप से देना होगा। जिन योजनाओं में केंद्र सरकार से मदद मिलनी है, वहां अनुदान या ऋण की पूरी जानकारी देना भी जरूरी किया गया है।


किन प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी

वित्त विभाग ने यह भी तय कर दिया है कि केवल चुनिंदा श्रेणी के प्रस्ताव ही स्वीकार किए जाएंगे—

जिन कार्यों के लिए आकस्मिक निधि से अग्रिम स्वीकृति दी गई हो।

जिन पर वित्त विभाग से पूर्व सहमति मिल चुकी हो।

जिन योजनाओं में केंद्र सरकार या अन्य एजेंसी से वित्तीय सहायता स्वीकृत हो।

जहां अतिरिक्त राशि की व्यवस्था अन्य योजनाओं से बचत के जरिए संभव न हो।

विशेष पूंजीगत सहायता योजना से जुड़े प्रस्ताव, जिनमें अलग बजट लाइन खोलना जरूरी हो।

इन शर्तों से साफ है कि इस बार अनुपूरक बजट में फिजूल खर्च के लिए कोई जगह नहीं होगी।

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