शनिवार, 25 जुलाई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

18 फरवरी को आएगा एमपी का बजट: 4.63 लाख करोड़ का ‘विकास-पैकेज’, किसानों से लेकर युवाओं तक को मिल सकती है बड़ी सौगात

04 फ़र, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
18 फरवरी को आएगा एमपी का बजट: 4.63 लाख करोड़ का ‘विकास-पैकेज’, किसानों से लेकर युवाओं तक को मिल सकती है बड़ी सौगात

18 फरवरी को आएगा एमपी का बजट: 4.63 लाख करोड़ का ‘विकास-पैकेज’, किसानों से लेकर युवाओं तक को मिल सकती है बड़ी सौगात

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। इन दिनों बजट को लेकर जबरदस्त हलचल है। हर कोई जानना चाहता है कि इस बार मध्यप्रदेश सरकार जनता को क्या देने जा रही है। वजह साफ है—18 फरवरी 2026 को विधानसभा में सरकार अपना तीसरा बजट पेश करने जा रही है और संकेत मिल रहे हैं कि यह अब तक का सबसे बड़ा और सबसे अहम बजट हो सकता है।


विधानसभा में बजट पेश करेंगे वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा

राज्य सरकार का यह बजट वित्त मंत्री और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा विधानसभा में रखा जाएगा। इससे पहले 16 फरवरी से बजट सत्र शुरू होगा और ठीक दो दिन बाद यानी 18 फरवरी को पूरा प्रदेश सरकार की योजनाओं और प्राथमिकताओं से रूबरू होगा। सूत्रों के अनुसार इस बार मध्यप्रदेश का बजट आकार करीब 4.63 लाख करोड़ रुपये हो सकता है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 10 फीसदी ज्यादा है।


सीएम मोहन यादव के बयान से बढ़ी उम्मीदें

बजट को लेकर लोगों की उत्सुकता तब और बढ़ गई जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुस्कुराते हुए कहा— “इसका जवाब तो 18 फरवरी को बजट में ही मिल जाएगा।” इस बयान से साफ है कि सरकार इस बार कुछ खास और बड़े ऐलान करने की तैयारी में है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां जनता लंबे समय से राहत और विकास की उम्मीद कर रही है।


बजट 2026-27 में किन बातों पर रहेगा फोकस?

सरकारी हलकों से मिल रही जानकारियों के मुताबिक इस बजट में सरकार कुछ अहम सेक्टरों पर खास जोर दे सकती है—


किसान और गांव:

किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त फंड मिल सकता है।


सरकारी नौकरियां:

करीब 50 हजार पदों पर भर्ती का प्रावधान या घोषणा बजट में शामिल हो सकती है।


युवा और स्टार्टअप:

तकनीकी शिक्षा, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं आ सकती हैं।


महिलाएं:

लाड़ली बहना जैसी महिला-केंद्रित योजनाओं के बजट में बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।


केंद्रीय बजट का असर और राज्य की चुनौती

हाल ही में पेश हुए केंद्रीय बजट 2026-27 का असर भी एमपी के बजट पर साफ दिखेगा। नए कर बंटवारे के फार्मूले के कारण मध्यप्रदेश को करीब 7,500 करोड़ रुपये की केंद्रीय कर हिस्सेदारी में कमी हो सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए राज्य को 15,188 करोड़ रुपये मिले हैं, जिससे विकास योजनाओं को कुछ सहारा मिल सकता है। वहीं शहरी निकायों को हरित बॉन्ड प्रोत्साहन में कटौती से थोड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।


क्या यह बजट एमपी को देगा नई रफ्तार?

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस बजट में रोजगार, शिक्षा और ग्रामीण विकास पर मजबूती से निवेश हुआ, तो यह मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान दे सकता है, खासकर तब जब केंद्रीय टैक्स में कटौती का दबाव है।


अनुपूरक बजट भी होगा पेश

इस बजट सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 का तीसरा और अंतिम अनुपूरक बजट भी लाएगी, जिसका आकार करीब 10 हजार करोड़ रुपये हो सकता है। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि इसमें कोई नई योजना या नई गाड़ियों की खरीद नहीं होगी—मकसद सिर्फ मौजूदा खर्चों को संतुलित करना है।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें