
भोपाल। मध्यप्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए किराया बढ़ा दिया गया है। परिवहन विभाग की ओर से नई दरें लागू करने का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अब यात्रियों को प्रति किलोमीटर 2 रुपये के हिसाब से किराया चुकाना होगा।
यह फैसला बस ऑपरेटर्स द्वारा हड़ताल की चेतावनी दिए जाने के बाद लिया गया है। विभाग ने किराए में 75 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी मंजूर की है।
अब 100 किमी यात्रा का किराया कितना होगा?
नई दरें लागू होने के बाद 100 किलोमीटर की यात्रा के लिए अब 200 रुपये किराया देना होगा। इससे पहले इसी दूरी का किराया 125 रुपये था। नई व्यवस्था लागू होने से बस यात्रियों की यात्रा लागत बढ़ जाएगी।
परिवहन मंत्री के साथ बैठक के बाद हुआ फैसला
दो दिन पहले परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बस ओनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। उसी बैठक के बाद संकेत मिले थे कि सरकार जल्द किराया संशोधित कर सकती है। अब परिवहन विभाग ने बढ़े हुए किराए का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
हड़ताल की चेतावनी दे चुका था बस ओनर्स एसोसिएशन
सागर में आयोजित बैठक में मप्र बस ओनर्स एसोसिएशन ने निर्णय लिया था कि यदि 8 अगस्त तक उनकी 8 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हुईं तो पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। एसोसिएशन का कहना था कि पिछले 5 वर्षों से किराया बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन इस पर निर्णय नहीं लिया गया।
बस मालिकों ने किराया बढ़ाने के लिए क्या तर्क दिए?
वर्ष 2021 में डीजल की कीमत 69 रुपये प्रति लीटर थी।
वर्तमान में डीजल का दाम 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो चुका है।
शासन स्तर पर दो बैठकें होने के बावजूद पहले किराया वृद्धि का निर्णय नहीं लिया गया।
पड़ोसी राज्यों में पहले से लगभग 2 रुपये प्रति किलोमीटर की दर लागू है।
बस ऑपरेटर्स की प्रमुख 8 मांगें
7 जुलाई 2026 को राष्ट्रीयकरण से संबंधित जारी राजपत्र को तत्काल वापस लिया जाए।
निजी बस संचालकों के रोजगार और भविष्य को प्रभावित करने वाली नीति रोकी जाए।
6 जुलाई 2026 को प्रकाशित रॉयल्टी वसूली संबंधी टेंडर तत्काल निरस्त किया जाए।
पहले से पंजीकृत सभी वाहनों को पूर्ण वैध माना जाए और उन पर कार्रवाई न हो।
तैयार खड़ी लगभग 1200 नई बसों का जल्द पंजीकरण किया जाए।
मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 110(3) के तहत राज्य सरकार अपनी शक्तियों का उपयोग कर बस संचालकों को राहत दे।
परिवहन सचिव के निर्देशों के बावजूद समय पर कार्यालय नहीं आने वाले आरटीओ अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार किया जाए और बस ऑपरेटर्स का शोषण रोका जाए।
बसों के परमिट के लिए 15 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा समाप्त की जाए तथा फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध रहने तक परमिट जारी रखा जाए।
अंतरराज्यीय मार्गों की व्यावहारिक बाधाएं दूर कर अंतरराज्यीय परमिट नियमित और स्थायी रूप से जारी किए जाएं।
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