
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश के विकास, सड़क, किसान, रोजगार, उद्योग और प्रशासन से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने विभिन्न कार्यों और योजनाओं के लिए कुल 10,620 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां दीं।
बैठक में बारिश से प्रभावित जिलों की तैयारियों, किसानों को खाद उपलब्ध कराने, युवाओं को रोजगार से जोड़ने और औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। सिवनी-बालाघाट फोरलेन के साथ कई अन्य परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
सिवनी-बालाघाट फोरलेन को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने 91.64 किलोमीटर लंबे सिवनी-बालाघाट मार्ग को फोरलेन में बदलने की परियोजना को स्वीकृति दी। इस पर लगभग 3,458 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल से बनने वाली सड़क के बाद दोनों शहरों के बीच सफर करीब दो घंटे के बजाय लगभग एक घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।
सरकार ने इसी मॉडल पर 12 नई सड़कों के निर्माण की योजना भी आगे बढ़ाई है। इनके लिए नाबार्ड से करीब 4,600 करोड़ रुपये का ऋण लेने का प्रस्ताव है।
पशुपालन और दिव्यांग कल्याण योजनाओं के लिए बड़ी राशि
विभिन्न विभागों की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने कुल 10,620 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां दीं। इनमें प्रमुख प्रावधान हैं—
- पशुपालन एवं डेयरी विभाग की योजनाओं के लिए 2,073 करोड़ रुपये
- दिव्यांग कल्याण की 19 योजनाओं को जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ रुपये
- सिक्योरिटी एंड स्टेट रेस्पॉन्स ऑपरेशन्स सेंटर के लिए 80 करोड़ रुपये
- सिक्योरिटी एंड स्टेट रेस्पॉन्स ऑपरेशन्स सेंटर में 25 नए पद
- धन्वंतरि विश्वविद्यालय में आवश्यक पदों का सृजन
किसानों के लिए फार्मर आईडी और खाद खरीद व्यवस्था आसान
मध्यप्रदेश में 20 अगस्त से फार्मर आईडी बनाने का अभियान शुरू किया गया है। सरकारी कर्मचारी किसानों तक पहुंचकर उनकी आईडी तैयार करेंगे।
कैबिनेट ने ‘ई-विकास 2’ व्यवस्था को अधिक सरल और किसान हितैषी बनाने का फैसला किया है। किसानों को अनिवार्य पंजीयन के बिना अपनी पसंद का एक उर्वरक खरीदने की सुविधा भी देने का निर्णय हुआ है।
खाद खरीद के लिए वॉट्सऐप आधारित सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
भारी बारिश वाले जिलों में प्रशासन को अलर्ट
बैठक में प्रदेश की मौजूदा बारिश की स्थिति की समीक्षा की गई। सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिलों में राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
25 से 27 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में प्रशासन को पहले से तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। कम बारिश वाले क्षेत्रों में भी अधिकारियों को तैयार रहने और किसानों को कम पानी में उगाई जा सकने वाली फसलों के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।
रीवा में भारी बारिश के बाद पूरे रीवा संभाग में चल रहे राहत कार्यों की भी समीक्षा की गई।
युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार पर फोकस
सरकार ऐसे युवाओं की पहचान करेगी जो इस समय न पढ़ाई कर रहे हैं, न रोजगार में हैं और न किसी प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े हैं।
इन युवाओं को उनकी स्थिति के अनुसार शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, नौकरी या स्वरोजगार से जोड़ने की योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और युवा कल्याण विभागों का वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा।
नीति आयोग की रिपोर्ट को आधार बनाकर युवाओं के कौशल और रोजगार के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।
मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश को मिली गति
कैबिनेट में प्रदेश में चल रही औद्योगिक गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई। पीथमपुर में कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है।
स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 850 करोड़ रुपये के निवेश वाली दो आधुनिक इकाइयों का शुभारंभ हुआ। ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
अहमदाबाद निवेश संवाद से भी 8,635 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की जानकारी बैठक में दी गई।
एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश के 32 खिलाड़ी
जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश के 32 खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इनमें 25 खिलाड़ी राज्य खेल अकादमी से जुड़े हैं और वे 10 अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेंगे।
महिला ब्लाइंड क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश के तीन खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया गया है। तीन प्रशिक्षकों को भी एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे।
जन विश्वास अभियान की तारीखों में बदलाव
जन्माष्टमी और रक्षाबंधन के कारण जन विश्वास अभियान के निर्धारित कार्यक्रमों में परिवर्तन किया गया है।
अब 28 अगस्त का कार्यक्रम 29 अगस्त को और 4 सितंबर का कार्यक्रम 5 सितंबर को आयोजित होगा।
भूमि अधिग्रहण और फर्जी भुगतान पर भी निर्णय
सरकारी भूमि अधिग्रहण में आपसी सहमति के आधार पर चार गुना मुआवजा देने के प्रावधान पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य जमीन लेने की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाना है।
फर्जी भुगतान के मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद आर्थिक अपराध ब्यूरो से जुड़े जरूरी कानूनी और प्रशासनिक बदलावों को भी मंजूरी दी गई।
पुराने कैबिनेट फैसलों की भी समीक्षा
कैबिनेट ने 1 जनवरी 2024 से 31 जुलाई 2024 के बीच लिए गए फैसलों की क्रियान्वयन स्थिति की समीक्षा की। सरकार के मुताबिक, कैबिनेट के 90 प्रतिशत से अधिक निर्णयों पर अमल पूरा हो चुका है।
मंत्री विजय शाह के बयान से जुड़ा प्रस्ताव नहीं आ सका
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान को लेकर मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति देने से संबंधित प्रस्ताव बैठक में पेश नहीं हो सका।
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