
भोपाल। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में मध्यप्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष शहरों में जगह बनाई है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर ने दूसरा, जबलपुर ने तीसरा और भोपाल ने चौथा स्थान हासिल किया। वहीं, भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को वार्ड स्तरीय वायु गुणवत्ता सुधार के लिए राष्ट्रीय सम्मान मिला।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस पर नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन में आयोजित समारोह में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार ने विजेता निकायों को सम्मानित किया। इसी सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में ग्वालियर 39वें स्थान पर रहा। 3 से 10 लाख आबादी वर्ग में उज्जैन 16वें और सागर 21वें, जबकि 3 लाख से कम आबादी वाले शहरों में देवास ने 7वां स्थान हासिल किया। देश के 130 शहरों में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत वायु गुणवत्ता सुधार के विभिन्न मानकों पर यह रैंकिंग जारी की गई।
इंदौर को धूल नियंत्रण, मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग, हरित क्षेत्र विस्तार और जनभागीदारी के लिए सम्मान मिला। जबलपुर ने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के दम पर तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं भोपाल के वार्ड-60 को पौधारोपण, हरित पहल और नागरिक जागरूकता के लिए विशेष सम्मान दिया गया। प्रदेश की इस उपलब्धि को नगरीय निकायों की ओर से धूल नियंत्रण, जल छिड़काव, खुले में कचरा जलाने पर रोक, निर्माण स्थलों की निगरानी और जनजागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
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