
भोपाल। मध्यप्रदेश में ठंड थमने का नाम नहीं ले रही है। रात के साथ अब दिन के पारे में भी गिरावट देखी जा रही है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री और अधिकतम 20 डिग्री तक पहुंच गया है।बीते 24 घंटों में प्रदेश के 5 बड़े शहरों में राजधानी भोपाल का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री,इंदौर का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री,उज्जैन का न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री, जबलपुर का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री और ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं प्रदेश में शहडोल का कल्याणपुर 3.8 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा।सोमवार को प्रदेश के 21 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज हुआ। ठंड के साथ प्रदेश में कोहरे की दोहरी मार के चलते यातायात व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। एक तरफ कोहरे की वजह से कई फ्लाइट रीशेड्यूल करना पड़ी हैं वहीं ट्रेनें भी विलंब से चल रही है। वाहन चालकों को भी परिदृश्यता कम होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ठंड से राहत के फिलहाल आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल ठंड से राहत मिलने के कोई भी आसान नजर नहीं आ रहे हैं।पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बाद उत्तर से आ रही सर्द हवाओं ने प्रदेश में ठंडक घोल रखी है इसके साथ ही उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर भी देखा जा रहा है। रविवार को जेट स्ट्रीम 213 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बही। सोमवार को भोपाल,इंदौर,रीवा,मऊगंज,राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, सीहोर और सिवनी में शीतलहर चली वहीं ग्वालियर, चंबल,सागर और रीवा संभाग में घने कोहरे की चलते परेशानी बढ़ गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार नए साल की शुरुआत भी इस बार कड़ाके की सर्दी के साथ ही होगी।बता दें कि भोपाल में दिसंबर के 29 दिनों में से मात्र 1 ही दिन न्यूनतम तापमान 11 डिग्री गया है। भोपाल में पिछले 90 साल के इतिहास में यह सबसे सर्द दिसंबर दर्ज हो गया है।
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