
भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल मार्च की शुरुआत ही तेज गर्मी के साथ हुई है। आमतौर पर मार्च के पहले पखवाड़े में मौसम हल्का गर्म जरूर रहता है, लेकिन इस बार तापमान ने पिछले करीब 10 साल का ट्रेंड तोड़ दिया है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ा है और कई जगह अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इससे लोगों को मार्च के महीने में ही मई-जून जैसी तपन महसूस होने लगी है।बीते 24 घंटों में प्रदेश के पांच बड़े शहरों का तापमान भी सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक है। वहीं इंदौर में 36.2 डिग्री, उज्जैन में 35.8 डिग्री, जबलपुर में 35.6 डिग्री और ग्वालियर में 35.7 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। इससे साफ है कि प्रदेश के लगभग सभी बड़े शहरों में गर्मी का असर बढ़ रहा है।प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म जिला नर्मदापुरम रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं से चढ़ा पारा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान की ओर से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं की वजह से प्रदेश के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इन हवाओं के कारण प्रदेश में लू जैसी तपन महसूस की जा रही है।मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे के बीच तेज धूप रहती है, इसलिए बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।इसके अलावा लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में गर्मी का असर और तेज हो सकता है, इसलिए अभी से सावधान रहना जरूरी है।
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