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मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बीच 3 स्तरों पर कंट्रोल रूम सक्रिय, बाढ़-जलभराव से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट

11 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बीच 3 स्तरों पर कंट्रोल रूम सक्रिय, बाढ़-जलभराव से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब 48 घंटे से जारी भारी बारिश के बीच नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने संभावित बाढ़, जलभराव और अतिवृष्टि से निपटने के लिए अपनी आपदा प्रबंधन व्यवस्था सक्रिय कर दी है। राज्य, संभाग और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं।


सरकार ने साफ किया है कि खराब मौसम के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। बाढ़ या जलभराव की स्थिति में प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि प्रभावित लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।


राज्य से जिला स्तर तक निगरानी की व्यवस्था

नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे के निर्देश पर तीन स्तरों वाली व्यवस्था तैयार की गई है। इसका उद्देश्य बारिश से प्रभावित नगरीय क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को बिना देरी आगे बढ़ाना है। जिला स्तर के कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी परियोजना अधिकारियों को दी गई है। ये अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों की लगातार निगरानी करेंगे और मौसम विभाग के साथ समन्वय बनाए रखेंगे। बारिश, वज्रपात या बाढ़ का अलर्ट मिलने पर संबंधित क्षेत्रों में तुरंत राहत एवं बचाव गतिविधियां शुरू की जाएंगी।


जलभराव वाले क्षेत्रों में मशीनरी रहेगी तैयार

आपदा प्रभावित इलाकों में पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट और आपातकालीन मशीनरी उपलब्ध रखी जाएगी। इसका इस्तेमाल जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी के लिए किया जाएगा। यदि किसी इलाके में हालात बिगड़ते हैं तो राहत व्यवस्था को सक्रिय करने की जिम्मेदारी संबंधित नियंत्रण कक्षों के जरिए निभाई जाएगी।


निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएंगे

निचले क्षेत्रों में पानी भरने या जर्जर इमारतों के गिरने की आशंका होने पर प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। विस्थापित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से इन सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी—

- भोजन

- शुद्ध पेयजल

- आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं


इन सुविधाओं को बिना रुकावट उपलब्ध कराने की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।


मुख्यमंत्री ने बारिश और फसलों को लेकर दिए निर्देश

मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मानसून अभी प्रदेश में सक्रिय है। इसके बावजूद अब तक सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। उन्होंने आगे भी बारिश की संभावना को देखते हुए अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर कम सिंचाई में तैयार होने वाली फसलों को प्राथमिकता देने और चने की फसल के लिए जरूरी बीज उपलब्ध कराने को कहा।


तालाबों के जलस्तर पर लगातार नजर

मुख्यमंत्री ने तालाबों के जलस्तर की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन को अल्प वर्षा और अतिवृष्टि, दोनों परिस्थितियों में नागरिकों को परेशानी से बचाने की जिम्मेदारी दी गई है। जिन इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं, वहां जिला प्रशासन और राज्य स्तर के कंट्रोल रूम को सक्रिय रहते हुए तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।


2.35 लाख किसानों से खरीदी गई मूंग

बैठक में मूंग खरीदी की स्थिति की जानकारी भी सामने आई। प्रदेश में अब तक 2.35 लाख किसानों से 3.46 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने मूंग खरीदी में गुणवत्ता बनाए रखने और किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।


जन-धन की सुरक्षा पर विभाग का फोकस

नगरीय विकास एवं आवास विभाग की पूरी व्यवस्था का केंद्र संभावित आपदा के दौरान जन-धन की सुरक्षा है। आयुक्त संकेत भोंडवे ने प्रतिकूल परिस्थितियों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। करीब 48 घंटे से जारी बारिश के बीच अब राज्य से लेकर जिला स्तर तक की नियंत्रण व्यवस्था मौसम संबंधी अलर्ट और जमीनी हालात के आधार पर राहत-बचाव कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी।

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