
भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम ने कई जिलों में भारी बारिश के साथ बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। सतना सबसे अधिक प्रभावित है, जहां चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और रामघाट की करीब 400 दुकानें तथा 20-25 होटल पानी में डूब गए।
बारिश की स्थिति को देखते हुए सतना में 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों में छुट्टी घोषित की गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक सतना और चित्रकूट में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि कई जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून सिस्टम का सबसे ज्यादा असर
जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। लगातार बारिश के कारण इन क्षेत्रों के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। मंगलवार को रामघाट का बड़ा हिस्सा पानी की चपेट में आ गया, जिससे करीब 400 दुकानें और 20-25 होटल डूब गए।
सतना में 2 और 3 सितंबर को शिक्षण संस्थान बंद
भारी बारिश और बिगड़ते हालात को देखते हुए सतना जिले में 2 सितंबर और 3 सितंबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों की छुट्टी घोषित की गई है। सतना और चित्रकूट में अगले दो दिन भी भारी बारिश की चेतावनी है। इसलिए तत्काल हालात में सुधार की संभावना कम बताई गई है।
इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार मंगलवार को सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।अगले 24 घंटे में इन जिलों में 4 इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश की चेतावनी वाले जिले
विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है।
इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बना बारिश का दौर
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब क्षेत्र सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से एक ट्रफ गुजर रही है और ऊपरी हिस्से में मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। उनके अनुसार अगले तीन दिन तक सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना है।
2 सितंबर से पश्चिमी हिस्सों में बढ़ेगा असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का प्रभाव बना रहेगा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।
3 सितंबर को सिस्टम आगे बढ़ेगा। इसका असर भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग में दिखाई देगा।
4 सितंबर को पश्चिमी हिस्से में सिस्टम का प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है। भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज बारिश होगी।
5 सितंबर को भी इन्हीं संभागों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
डैमों में 70 प्रतिशत तक पहुंचा पानी
लगातार हो रही बारिश से मध्य प्रदेश के अधिकांश डैमों में पानी की स्थिति बेहतर हुई है। कई डैम में जलस्तर 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है और कुछ डैम के गेट भी खोले जा चुके हैं।
हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों की स्थिति अभी ठीक नहीं है।
बड़ा तालाब में सिर्फ 0.30 फीट जगह बाकी
भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब इसके पूरी तरह भरने में सिर्फ 0.30 फीट की जगह बाकी है। बड़ा तालाब फुल होने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। भदभदा से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे वहां भी जलस्तर बढ़ेगा।
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