
भोपाल। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से किए जा रहे प्रयास रंग ला रहे हैं। इसी का नतीजा है कि मध्य प्रदेश, देश में धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री आज जबलपुर में विश्व रामायण सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं। वह युवाओं से रामायण से और राम चरित मानस के उच्च आदर्शों के संवाहक बनने की प्रेरक अपील करेंगे।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राम वन गमन पथ के विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वह श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास के अध्यक्ष हैं। इस परियोजना पर मुख्यमंत्री प्राथमिकता से कार्य कर रहे हैं। सरकार की ओर से धार्मिक पर्यटन को दिए जाने से प्रदेश में आध्यात्मिक अनुभव के साथ आर्थिक विकास और रोजगार बढ़ेगा।
वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 14 करोड़ पर्यटक प्रदेश में आए
डॉ. मोहन यादव सरकार की नीतियों की बधाई बदौलत प्रदेश के पर्यटन स्थल पर्यटकों को अपनी ओर खूब आकर्षित कर रहे हैं। वर्ष 2025 में पर्यटन क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश और 14 करोड़ पर्यटक आगमन जैसे माइलस्टोन हासिल हुए हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन और ओम्कारेश्वर में एक जनवरी को लाखों की संख्या में श्रद्धालु आए। मध्य प्रदेश के धार्मिक पर्यटन के रूप में यह एक नए डेस्टिनेशन के उदय का प्रमाण है।
मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदम
• चित्रकूट का विकास: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट को अयोध्या की तर्ज पर विकसित किए जाने का प्रयास किया है। यहां भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थलों का समग्र विकास किया जा रहा है। जिसमें घाटों का जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण, परिक्रमा पथ (कामदगिरि पर्वत) का निर्माण और भूमि अधिग्रहण शामिल है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद पर्यटकों का फोकस चित्रकूट पर होने से धार्मिक के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
• ओरछा में श्री रामराजा लोक: ओरछा में श्री रामराजा लोक परियोजना के दूसरे चरण का शिलान्यास किया गया है। इसकी लागत लगभग 125 करोड़ रुपए है। इससे धार्मिक एवं पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार सृजन होगा।
• राम वन गमन पथ के स्थलों का चिह्नीकरण और विकास: प्रदेश में राम वन गमन पथ के कम ज्ञात स्थलों को चिह्नित करने के लिए विशेषज्ञों की टीम कार्यरत है। अभी 11 जिलों में 25 स्थल जुड़े हैं। मंडला, बालाघाट जैसे नए स्थलों को जोड़ा जा रहा है। बजट में इस वर्ष 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। कुल परियोजना में चित्रकूट, ओरछा सहित कई स्थलों के लिए 2200 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं चल रही हैं।
• समग्र धार्मिक पर्यटन नीति: सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। इससे निवेश और सुविधाएं बढ़ेंगी। हेलिकॉप्टर सेवा से ओरछा जैसे स्थलों को जोड़ा जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों से राम से जुड़े स्थलों की जानकारी एकत्र कर उन्हें पथ में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
• स्वदेश दर्शन योजना: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्वदेश दर्शन योजना के तहत परियोजनाएं, मेले में रामकथा प्रदर्शनी और सीएसआर फंड का उपयोग शामिल है।
• 'नर्मदा परिक्रमा' को प्रोत्साहन: लोक धार्मिक पर्यटन की केंद्र 'नर्मदा परिक्रमा' को प्रोत्साहन देने और परिक्रमा पथ में सुविधाओं के विकास के लिए भी सरकार सजगता और संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुत्र और पुत्रवधू ने समाज में एक नई मिसाल क़ायम करते हुए विवाह के बाद खुद नर्मदा परिक्रमा की है।
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