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मध्यप्रदेश 11.6 प्रतिशत विकास दर से कर रहा प्रगति, देश में सबसे तेज : डॉ. मोहन यादव

27 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय संसाधनों के समुचित प्रबंधन से अच्छे परिणाम देने का मॉडल तैयार किया है। कम संसाधनों में भी बेहतर से बेहतर रिजल्ट दे रहे हैं। मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति 11.60 प्रतिशत की विकास दर से आगे बढ़ रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार के पास 106 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए समानुपातिक आवंटन के लिए पर्याप्त धनराशि है। जनकल्याण के साथ हम प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास के लिए भी सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को नई दिल्ली में एक मीडिया समूह की एनुअल समिट को संबोधित कर रहे थे।


कृषि विकास दर भी पहले से बेहतर हुई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने विकास के लिए हर क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। हमारी कृषि विकास दर भी पहले से बेहतर हुई है। हमने बीते दो साल में औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देकर जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कर मध्यप्रदेश में निवेश के लिए एक नया माहौल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि बीते दो साल में प्रदेश में करीब 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। 


नेता प्रतिपक्ष अपने पद के अनुरूप आचरण नहीं कर रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपने पद के अनुरूप आचरण नहीं कर रहे हैं। उन्हें कितना बड़ा मौका मिला है, लेकिन उन्होंने इस पद की गरिमा का पतन कर दिया है। भारत-पाकिस्तान में स्ट्राइक हो रही है और अपोजिशन लीडर सेना का मनोबल गिरा रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। वर्ष 1971 में बांग्लादेश के समय अटल बिहारी वाजपेई पूरी दृढ़ता से सरकार के साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा था हम सेना के साथ हैं। जब राष्ट्रीय संकट हो तो देश के साथ रहना चाहिए, यह विपक्ष को सीखना चाहिए।


आज भी जनता काम पसंद करती है

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और हमारी सरकार पसंद बनी हुई है। इसलिए तो हमारी सरकार विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 21 से अधिक प्रदेशों में हमारी सरकार है। जहां आज भी जनता काम पसंद करती है। प्रधानमंत्री की कार्यनीति को भी जनता पसंद करती है। जनता जान रही है कि दुनिया के सामने भारत का मान बढ़ रहा है, सम्मान बढ़ रहा है।


सभी योजनाओं के लिए धनराशि लेकर चल रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय अवधारणा पर काम कर रही है। आखिरी पंक्ति में खड़े हुए गरीब आदमी की जिंदगी में मदद हो जाए, उसके जीवन से कष्ट मिट जाए, हम इस आधार पर काम कर रहे हैं। हमारे राज्य की प्रोग्रेस भी पर्याप्त हो रही है और हम सभी योजनाओं के लिए धनराशि लेकर चल रहे हैं। लाड़ली बहना योजना से बेहतर नारी सशक्तिकरण की कौन सी योजना हो सकती है, जबकि विपक्ष के लोग कहते हैं कि महिलाओं को पैसे मत दीजिए, वे शराब पी जाती हैं। क्या उन्हें ऐसी भाषा बोलनी चाहिए। अपनी भाषा के कारण ही वे सरकार से बाहर हैं। 


सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में 40 करोड़ लोग आएंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बारे में कहा कि उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह केवल उज्जैन और मध्यप्रदेश का ही नहीं देश का भी सबसे गरिमापूर्ण आयोजन है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, पर सिंहस्थ के दौरान यहां दो महीनों के भीतर 40 करोड़ लोग आएंगे। इसके लिए हमें उज्जैन को तैयार करना है, जिससे किसी भी श्रद्धालु को बाल बराबर भी कष्ट न होने पाए, हमारी सरकार इसके लिए सारे प्रबंधन करके चल रही है।


हम विक्रमादित्य रिसर्च सेंटर भी खोल रहे हैं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनारस जैसी पुण्य नगरी में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कराने जा रही हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के सभी पक्षों को लेकर हम दुनिया के सामने जा रहे हैं। इसलिए हम विक्रमादित्य रिसर्च सेंटर भी खोल रहे हैं, विक्रमादित्य के काल के अलग-अलग प्रकार के शोध को बढ़ावा भी दे रहा है। लोक रंजन के दृष्टि से विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कर हम भावी पीढ़ी को गणतंत्र के जनक की शौर्यगाथा दिखाना चाहते हैं।


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