
भोपाल। क्या आपके गांव में नल से पानी नहीं आ रहा, लेकिन रिकॉर्ड में ‘सप्लाई चालू’ दिखाया जा रहा है? अब ऐसा नहीं चलेगा! मध्य प्रदेश सरकार ने जल जीवन मिशन को डिजिटल निगरानी से जोड़ते हुए ‘जल दर्पण’ नाम का हाईटेक पोर्टल लॉन्च कर दिया है। इस पोर्टल पर हर गांव की नल-जल योजना की रियल टाइम रिपोर्टिंग होगी, कहां पानी आ रहा, कहां लाइन टूटी, कहां सिर्फ कागजों में योजना पूरी बताई गई — सबकुछ अब सरकार की नज़र में LIVE होगा।
अब नल-जल की असली तस्वीर होगी ऑनलाइन
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण इलाकों में अक्सर शिकायतें मिलती थीं कि योजना तो बना दी गई, लेकिन पानी नहीं आता। विधानसभा में भी ऐसे सवाल कई बार उठे। अब ‘जल दर्पण’ पोर्टल के जरिए हर गांव से रोजाना डेटा फीड लिया जाएगा।
फील्ड स्टाफ को देनी होगी हर दिन रिपोर्ट
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि फील्ड स्टाफ हर दिन बताएगा–
✔ सप्लाई चालू है या बंद?
✔ जलापूर्ति सुचारू है या बाधित?
✔ पाइपलाइन में खराबी है या नहीं?
इन सूचनाओं पर वरिष्ठ अधिकारी खुद निगरानी करेंगे, ताकि झूठी जानकारी देने वालों की तुरंत पहचान हो सके।
जल जीवन मिशन की बड़ी तस्वीर
प्रदेश में स्वीकृत एकल नल-जल योजनाएं: 27,990
पूरी हो चुकी योजनाएं: 15,947
निर्माणाधीन योजनाएं: 12,043
लागत आकलन में त्रुटियों से बढ़ा खर्च: ₹2,813 करोड़
दोषी इंजीनियरों को नोटिस जारी
आकलन की गलतियों का भार केंद्र ने वहन करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद राज्य सरकार ने इसे खुद वहन करने का फैसला किया।
कैसे काम करेगा ‘जल दर्पण’ पोर्टल?
28,000 गांवों से हर दिन ऑनलाइन फीडबैक लिया जाएगा
अगर सप्लाई रुकी हो तो कारण दर्ज करना होगा:
– बिजली गुल
– पाइपलाइन फटी
– रखरखाव में देरी
तुरंत मॉनिटरिंग और सुधारात्मक कार्रवाई होगी रिपोर्ट के आधार पर
क्या बोले विभाग के प्रमुख सचिव?
विभाग के प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने कहा, “सरकार का लक्ष्य हर घर तक नल का जल पहुंचाना है. कई बार शिकायतें मिलने के बाद अब संचालन, रखरखाव और निगरानी को मजबूत बनाया गया है. नए पोर्टल से दैनिक स्थिति स्पष्ट होगी और जहां भी समस्या मिलेगी, वहां तुरंत समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे.”
सरकार का टारगेट — हर घर नल का जल, हर दिन!
सरकार का फोकस अब सिर्फ योजना बनाने पर नहीं, बल्कि रियल टाइम सप्लाई, मॉनिटरिंग और एक्शन पर है। अब पंचायतों को दी गई योजनाओं के संचालन और रखरखाव की भी डिजिटल निगरानी होगी।
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