बुधवार, 07 अक्टूबर 2026
Logo
Madhaya Pradesh

मध्य प्रदेश में लक्जरी वाइल्डलाइफ टूरिज्म को बढ़ावा, बांधवगढ़-कान्हा-सतपुड़ा में ₹520 करोड़ के रिसॉर्ट बनेंगे

07 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में लक्जरी वाइल्डलाइफ टूरिज्म को बढ़ावा, बांधवगढ़-कान्हा-सतपुड़ा में ₹520 करोड़ के रिसॉर्ट बनेंगे
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश विदेशी पर्यटकों को जंगल, सफारी और प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी का एक साथ अनुभव देने की तैयारी कर रहा है। बांधवगढ़, कान्हा और सतपुड़ा में ₹520 करोड़ के लक्जरी रिसॉर्ट प्रस्तावित हैं।


राज्य में विदेशी पर्यटकों का बड़ा हिस्सा वाइल्डलाइफ देखने आता है। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए अब लंबे प्रवास और ज्यादा खर्च करने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने की रणनीति पर काम हो रहा है।


तीन टाइगर रिजर्व में आएगा लीला ब्रांड

द लीला पैलेसेज, होटल्स एंड रिसॉर्ट्स पहली बार मध्य प्रदेश के वाइल्डलाइफ सर्किट में निवेश करने जा रहा है। इन तीनों स्थानों पर रिसॉर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी अनास्विश टाइगर कैंप प्राइवेट लिमिटेड की होगी।


पर्यटन सचिव एवं एमपी टूरिज्म बोर्ड के एमडी इलैया राजा टी. के मुताबिक, प्रदेश आने वाले विदेशी पर्यटकों में वाइल्डलाइफ की हिस्सेदारी काफी बड़ी है। हर दो विदेशी पर्यटकों में करीब एक पर्यटक वन्यजीव पर्यटन के लिए आता है।


बांधवगढ़ में काम शुरू, कान्हा-सतपुड़ा की तैयारी

तीनों परियोजनाओं की स्थिति अलग-अलग चरण में है।

- बांधवगढ़: घग्घदर में जमीन अधिग्रहण और मंजूरी पूरी हो चुकी है।

- जनवरी 2026: बांधवगढ़ में निर्माण शुरू हो चुका है।

- दिसंबर 2027: रिसॉर्ट शुरू करने का लक्ष्य है।

- सतपुड़ा: जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।

- कान्हा: सरकारी जमीन के आवंटन और मंजूरी का इंतजार है।

- मार्च 2027: सतपुड़ा और कान्हा में निर्माण शुरू करने का प्रस्ताव।

- मार्च 2029: दोनों परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य।


विदेशी पर्यटक 7 से 15 दिन रुकता है

एआईटीएओ के मध्यप्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, विदेशी पर्यटक आमतौर पर 7 से 15 दिन मध्य प्रदेश में रहता है।


अभी ग्वालियर-ओरछा-खजुराहो प्रमुख पर्यटन सर्किट है। अब योजना में जंगलों और अन्य पर्यटन स्थलों को जोड़कर पर्यटकों का प्रवास बढ़ाने पर जोर है।


एक विदेशी पर्यटक का खर्च ₹2 लाख तक

मध्य प्रदेश में एक विदेशी पर्यटक पूरी यात्रा के दौरान औसतन ₹1.5 लाख से ₹2 लाख तक खर्च करता है। इसमें अकेले वाइल्डलाइफ गतिविधियों पर करीब ₹60-70 हजार खर्च होते हैं।


वाइल्डलाइफ पर यह खर्च घरेलू पर्यटकों की तुलना में करीब दोगुना बताया गया है। यात्रा में नए स्थान जुड़ने से होटल, सफारी, गाइड, परिवहन और खानपान पर खर्च बढ़ने की संभावना है।


जंगलों में पहले से मौजूद है विदेशी पर्यटकों का बाजार

कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा ने 2025 में 63,946 विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया। इसका मतलब है कि इन तीनों टाइगर रिजर्व में विदेशी पर्यटकों की मांग पहले से मौजूद है। राज्य अब इसी मांग को बेहतर ठहराव और व्यापक टूर पैकेज के जरिए बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।


21.05 करोड़ पर्यटक पहुंचे, 57% बढ़ी संख्या

मध्य प्रदेश में 2025 के दौरान कुल 21.05 करोड़ पर्यटक पहुंचे। पिछले साल की तुलना में पर्यटकों की संख्या में 57% वृद्धि दर्ज की गई। अब पर्यटन क्षेत्र की रणनीति सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। लंबे समय तक रुकने और अधिक खर्च करने वाले पर्यटकों पर भी फोकस किया जा रहा है।


₹3,665 करोड़ के प्रस्ताव के बाद फिर बड़े निवेश की तैयारी

पिछले ट्रैवल मार्ट में मध्य प्रदेश के लिए ₹3,665 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इस बार भी ₹1,100 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव और एमओयू होने की संभावना है। लक्जरी होटल परियोजनाओं के साथ राज्य विदेशी बाजार में अपने पर्यटन उत्पादों को ज्यादा व्यापक तरीके से पेश करने की तैयारी कर रहा है।


पर्यटकों के लिए चार बड़े कदम

विदेशी पर्यटकों की यात्रा को आसान बनाने के लिए पर्यटन क्षेत्र में चार प्रमुख पहल की जा रही हैं:

  1. तेज पहुंच: बांधवगढ़ और कान्हा जैसे टाइगर रिजर्व तक पीएम हेली सेवा शुरू हो चुकी है।

  2. बेहतर ठहराव: प्रदेश में अभी 18 स्टार होटल हैं, जबकि 15 नए स्टार होटल तैयार किए जा रहे हैं।

  3. छह विदेशी भाषाओं में जानकारी: पर्यटन पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी के साथ 6 विदेशी भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराता है।

  4. विदेशी बाजार में प्रचार: ट्रैवल मार्ट के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों के लिए 16 परिचयात्मक टूर आयोजित होंगे। इसका उद्देश्य प्रदेश के जंगलों और अन्य पर्यटन स्थलों को विदेशी टूर पैकेज में शामिल कराना है।


भोपाल में आज से एमपीटीएम 2026

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बुधवार से 4 दिवसीय मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (एमपीटीएम) 2026 शुरू होगा। कार्यक्रम में 600 से ज्यादा निवेशक, टूर ऑपरेटर और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे।


34 देशों के प्रतिनिधि, 10 हजार से ज्यादा बैठकें

ट्रैवल मार्ट में ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और जापान समेत 34 देशों के 100 से अधिक प्रतिनिधि पहुंचेंगे।


चार दिनों के दौरान 10 हजार से ज्यादा बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें प्रस्तावित हैं। पर्यटकों को जानकारी देने के लिए एआई आधारित ‘मोगली’ चैटबॉट और QR कोड तकनीक भी पेश की जाएगी।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें