
भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून की एंट्री 15 से 18 जून के बीच हो सकती है। इससे पहले कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जहां आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओले भी गिर रहे हैं। शुक्रवार को श्योपुर में आए तेज तूफान ने बड़ा नुकसान पहुंचाया। अलग-अलग हादसों में 4 लोगों की मौत हो गई। वहीं कई जिलों में बारिश के बाद तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। आगे जानिए किन जिलों में आज मौसम ज्यादा खराब रहने वाला है।
मानसून की एंट्री से पहले बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति तेज हुई है और इसका असर अब मध्य प्रदेश पर भी दिखने लगा है। अनुमान है कि 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। तेज हवा, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
श्योपुर में आंधी बनी जानलेवा
सबसे ज्यादा नुकसान श्योपुर जिले में देखने को मिला। रजपुरा गांव में तेज हवाओं के कारण एक मकान की दीवार गिर गई, जिसकी चपेट में एक ही परिवार के चार लोग आ गए। हादसे में भीमा आदिवासी (40), उनकी पत्नी सीमा (38) और बहू राजवती (21) की मौके पर मौत हो गई, जबकि रिंकू घायल हो गया। उसे इलाज के लिए राजस्थान रेफर किया गया है। इसी जिले में तेज आंधी के दौरान ऑटो पलटने से एक महिला की भी जान चली गई। इस तरह अलग-अलग घटनाओं में 4 लोगों की मौत दर्ज की गई।
इन जिलों में आज तेज आंधी और बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने और बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर बना रह सकता है।
इन इलाकों में तेज धूप बनी रहेगी
दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर में फिलहाल तेज धूप का असर बना रहने की संभावना है। यानी पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं रहेगा और अलग-अलग क्षेत्रों में अलग परिस्थितियां देखने को मिलेंगी।
जून में अब तक औसत से 23% कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, जून महीने में अब तक प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में औसत से 55 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में औसत से 2 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
कई जिलों में लुढ़का पारा
बारिश और आंधी के बाद तापमान में भी अच्छी-खासी गिरावट दर्ज हुई। ग्वालियर में तापमान 5.8 डिग्री गिरकर 36.2°C पहुंच गया। रीवा में 7.3 डिग्री, सतना में 6.6 डिग्री, दतिया में 4 डिग्री, जबकि सिवनी और खजुराहो में भी तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
भोपाल में 15 जून तक गर्मी का असर
भोपाल में मानसून से पहले गर्मी का असर अभी कुछ दिन और बना रह सकता है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, 15 जून से पहले कई बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।
हालांकि पिछले वर्षों में जून के दौरान अच्छी बारिश भी रिकॉर्ड हुई है। 2020 में करीब 16 इंच और 2024 में 10.9 इंच वर्षा दर्ज की गई थी। ऐसे में इस बार भी मानसून की एंट्री के बाद मौसम तेजी से बदलने की उम्मीद है।
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