
भोपाल। मध्य प्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी होने जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत शुक्रवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम से होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 7 शहरों के लिए 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। सरकार का लक्ष्य आगे चलकर प्रदेश की 75% ग्राम पंचायतों तक परिवहन सुविधा पहुंचाना है।
2005 में बंद हुई थी राज्य परिवहन निगम की बसें
मध्य प्रदेश में राज्य परिवहन निगम की बस सेवा वर्ष 2005 में बंद कर दी गई थी। अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के माध्यम से शहरी इलाकों को ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने और बस कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना लागू की जा रही है।
नई व्यवस्था में तकनीक, सुरक्षा और बसों की निगरानी को प्रमुख हिस्सा बनाया गया है।
पहले चरण में इन 7 शहरों को मिली जगह
शुरुआती संचालन भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड से होगा। इन शहरों के लिए कुल 351 बसें निर्धारित की गई हैं।
7 शहरों में इतनी बसें चलेंगी
इंदौर: कुल 145 बसें — 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी
भोपाल: कुल 106 बसें — 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी
जबलपुर: कुल 67 बसें — 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी
रीवा: 18 इंटरसिटी बसें
देवास: 10 इंटरसिटी बसें
कटनी: 3 इंटरसिटी बसें
भिंड: 2 इंटरसिटी बसें
कुल: 351 बसें — इनमें 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं।
2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के पहले साल में 1,500 बसें चलाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके बाद प्रत्येक वर्ष करीब 2,500 से 3,000 बसें बढ़ाने की योजना है।
सरकार ने वर्ष 2031 तक कुल 15,000 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा है। परिवहन सेवा को प्रदेश की 75% ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने की भी योजना है।
हर बस की होगी लाइव निगरानी
बस संचालन में ITMS यानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। कमांड सेंटर के माध्यम से बसों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
बसों में सुरक्षा और यात्री सुविधा के लिए कई तकनीकी व्यवस्थाएं रहेंगी:
CCTV कैमरे
पैनिक बटन
लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस
पैसेंजर इनफॉरमेशन सिस्टम
कमांड सेंटर से निगरानी
शिकायतों के त्वरित निवारण की व्यवस्था
ड्राइवरों को तकनीकी और सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सेवा में सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन पर जोर रहेगा।
PPP मॉडल पर होगा बसों का संचालन
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा। निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी बढ़ाने के लिए पारदर्शी अनुबंध व्यवस्था और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी।
ऑपरेटरों को यात्री किराए के अलावा विज्ञापन और कार्गो जैसी गैर-किराया आय से कमाई का अवसर मिलेगा। आधुनिक डिपो और टर्मिनल सुविधाओं का इस्तेमाल भी किया जा सकेगा।
CM मोहन यादव ने तैयारियों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार शाम बीएचईएल दशहरा मैदान पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच, सभा स्थल, बसों और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में ये जनप्रतिनिधि होंगे शामिल
भेल दशहरा मैदान में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, भोपाल के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग और राज्यमंत्री कृष्णा गौर मौजूद रहेंगे।
इसके अलावा सांसद आलोक शर्मा, महापौर मालती राय तथा विधायक रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री और भगवान दास सबनानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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