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CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, खुले सेप्टिक टैंक से हादसा हुआ तो अफसरों की नौकरी पर आएगा संकट

31 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, खुले सेप्टिक टैंक से हादसा हुआ तो अफसरों की नौकरी पर आएगा संकट
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने खुले सेप्टिक टैंक और बोरवेल से होने वाले हादसों को लेकर जवाबदेही तय करने का फैसला किया है। अब ऐसी किसी भी दुर्घटना की स्थिति में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जाएगी।


ओंकारेश्वर में 25 जुलाई 2026 को हुई मासूम की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने कहा है कि प्रत्येक मामले की विभागीय जांच होगी और लापरवाही सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


ओंकारेश्वर हादसे के बाद सरकार का सख्त रुख

मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, यदि खुले सेप्टिक टैंक या बोरवेल की वजह से कोई हादसा होता है तो संबंधित प्रकरण की विभागीय जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को पहले निलंबित किया जाएगा। दोष साबित होने पर उसके विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जा सकेगी।


पहले भी हो चुके हैं कई जानलेवा हादसे

प्रदेश में खुले और असुरक्षित सेप्टिक टैंकों के कारण पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है। शासन ने पहले से ऐसे ढांचों को खुला नहीं छोड़ने के निर्देश और कार्रवाई की गाइडलाइन जारी कर रखी है, लेकिन सख्ती के अभाव में घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं।


हाल के प्रमुख हादसे

25 जुलाई 2026, ओंकारेश्वर: ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से नागपुर के 3 वर्षीय तनुष की मौत हुई। नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाने के दौरान टैंक खुला छोड़ दिया गया था।


10 जून 2026, बैतूल (मुलताई): परमंडल (भगत सिंह वार्ड) में डिवटिया गांव के निवासी संजय पंवार और विजय पंवार की सेप्टिक टैंक की सेंटरिंग निकालते समय जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई।


26 अक्टूबर 2025, जबलपुर: अस्पताल परिसर के खुले सेप्टिक टैंक में खेलते समय गिरने से दो सगे मासूम भाइयों की डूबने से मौत हो गई।


नमस्ते योजना के तहत मशीनीकरण पर जोर

मध्यप्रदेश नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय के सहायक संचालक सर्वेंद्र पांडेय ने कहा कि भारत सरकार की नमस्ते योजना के तहत सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरनाक मैनुअल सफाई को समाप्त कर मशीनीकरण के माध्यम से सफाई कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सेप्टिक टैंक से होने वाली दुर्घटनाओं में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई का प्रावधान पहले से मौजूद है।

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