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एमपी में लग सकते हैं निजी न्यूक्लियर पावर प्लांट, बीना और निगरी पर अदाणी ग्रुप की नजर

27 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एमपी में लग सकते हैं निजी न्यूक्लियर पावर प्लांट, बीना और निगरी पर अदाणी ग्रुप की नजर
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में भविष्य में निजी क्षेत्र के परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित होने की संभावना मजबूत होती दिख रही है। अदाणी ग्रुप अपने बिजली उत्पादन विस्तार की रणनीति के तहत राज्य के बीना (सागर) और निगरी (सिंगरौली) क्षेत्रों का अध्ययन कर रहा है।


कंपनी ने हाल ही में जयपी पावर का अधिग्रहण किया है। इसी के बाद उसकी होल्डिंग कंपनी जेपी थर्मल से जुड़े प्रोजेक्ट्स को संभावित न्यूक्लियर ऊर्जा परियोजनाओं के रूप में परखा जा रहा है।


बीना और निगरी में चल रही फिजिबिलिटी स्टडी

अदाणी पावर अपनी ऊर्जा उत्पादन क्षमता को साल 2035 तक मौजूदा स्तर से तीन गुना बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इसी लक्ष्य के तहत बीना और निगरी परियोजनाओं की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी स्टडी) तेजी से की जा रही है। कंपनी के सीईओ शेर सिंह खयाली ने एक कॉर्पोरेट बैठक में संकेत दिए कि न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के लिए इन दोनों स्थानों पर विचार किया जा रहा है।


अभी आधिकारिक घोषणा नहीं

कंपनी ने अपने पहले निजी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए ओडिशा और मध्य प्रदेश में संभावित स्थानों का मूल्यांकन शुरू किया है।


हालांकि, अदाणी पावर की ओर से किसी परियोजना की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। कंपनी ने केवल इतना स्पष्ट किया है कि संभावित विकल्पों का आकलन जारी है।


केंद्र सरकार के फैसले पर निर्भर रहेगा अंतिम निर्णय

निजी क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर अंतिम फैसला केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे नियामक ढांचे पर निर्भर करेगा। इस ढांचे के अंतिम रूप मिलने के बाद ही निजी कंपनियों की भागीदारी और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।


2035 तक 10 गीगावॉट परमाणु क्षमता का लक्ष्य

अदाणी पावर ने साल 2035 तक 10 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की योजना बनाई है। कंपनी का उद्देश्य अपनी कुल बिजली उत्पादन क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनियों में शामिल होना है।


अभी किन कंपनियों के पास है परमाणु ऊर्जा उत्पादन

देश में फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र की दो कंपनियां परमाणु ऊर्जा उत्पादन कर रही हैं। न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCIL) ने 30 गीगावॉट क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) भी 30 गीगावॉट क्षमता विकसित करने की तैयारी कर रहा है। निजी क्षेत्र में अदाणी पावर संभावित 3.2 गीगावॉट से अधिक परमाणु क्षमता का मूल्यांकन कर रही है।


निगरी परियोजना की मौजूदा स्थिति

सिंगरौली जिले की देवसर तहसील के निगरी गांव में स्थित जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड के सुपर थर्मल पावर प्लांट की कुल क्षमता 1320 मेगावाट है।


  • 2 यूनिट संचालित हैं।

  • पहली इकाई सितंबर 2014 में शुरू हुई।

  • दूसरी इकाई फरवरी 2015 में चालू हुई।


संयंत्र सुपरक्रिटिकल बॉयलर तकनीक पर आधारित है, जिससे कम कोयले में अधिक बिजली उत्पादन संभव होता है।


बीना परियोजना का इतिहास

सागर जिले के सिरचौंपी गांव में करीब 1700 एकड़ भूमि पर पहले आदित्य बिड़ला समूह (ग्रासिम) 1000 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना स्थापित करने वाला था, लेकिन यह पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद वर्ष 2008 में जयप्रकाश पावर वेंचर्स ने इस भूमि का अधिग्रहण किया। पहली यूनिट 2012 और दूसरी 2013 में शुरू हुई। वर्तमान में यहां 500 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। शुरुआती वर्षों में बिजली के कम दाम मिलने के कारण संयंत्र को कई महीनों तक बंद भी रखना पड़ा था।


भारत का परमाणु ऊर्जा लक्ष्य

भारत सरकार ने 2035 तक देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता 50 गीगावॉट तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके बाद 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित कर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की योजना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में सार्वजनिक उपक्रमों के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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