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मध्य प्रदेश में आखिर क्यों थम गई बारिश? 35 जिलों की चिंता के बीच IMD ने दिया नया संकेत

16 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में आखिर क्यों थम गई बारिश? 35 जिलों की चिंता के बीच IMD ने दिया नया संकेत
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। पिछले 7 दिनों से कहीं भी भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं हुई, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। सबसे ज्यादा असर पूर्वी जिलों पर दिखाई दे रहा है।


मौसम विभाग का कहना है कि 19 जुलाई के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है। नए पश्चिमी विक्षोभ, बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम और सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से कई हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है।


पूर्वी हिस्से में बारिश की सबसे ज्यादा कमी

मौसम केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य औसत 270.3 मिमी है। यानी अब तक बारिश 11% कम रही है।


पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। इस हिस्से में सामान्य से 24% कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके विपरीत भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 2% अधिक बारिश दर्ज हुई है।


आज इन जिलों में हल्की बारिश और आंधी की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को इन जिलों में हल्की बारिश और तेज हवा चल सकती है—

  1. इंदौर

  2. झाबुआ

  3. आलीराजपुर

  4. धार

  5. बुरहानपुर

  6. बड़वानी

  7. खंडवा

  8. खरगोन

  9. नर्मदापुरम

  10. बैतूल

  11. हरदा

  12. भिंड

  13. दतिया

  14. जबलपुर

  15. कटनी

  16. नरसिंहपुर

  17. छिंदवाड़ा

  18. पांढुर्णा

  19. सिवनी

  20. बालाघाट

  21. मंडला

  22. डिंडौरी

  23. रीवा

  24. सतना

  25. सीधी

  26. सिंगरौली

  27. मऊगंज

  28. मैहर

  29. शहडोल

  30. उमरिया

  31. अनूपपुर

  32. पन्ना

  33. दमोह

  34. छतरपुर

  35. टीकमगढ़

  36. निवाड़ी


इन जिलों में गर्मी का असर बना रह सकता है

मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में दिन के समय गर्मी का असर महसूस होने का अनुमान है।


19 जुलाई से मौसम में बदलाव के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। साथ ही बंगाल की खाड़ी में नया मौसम तंत्र बनने और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहने से मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।


मौसम विशेषज्ञ ने क्या कहा

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, प्रदेश स्तर पर मानसून की स्थिति फिलहाल संतोषजनक है, लेकिन पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।


उन्होंने कहा कि आगामी निम्न दाब प्रणाली की दिशा और उसकी तीव्रता तय करेगी कि मानसून कितनी तेजी से दोबारा सक्रिय होगा। यदि मौसम प्रणालियां अनुकूल रहीं तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

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