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मध्य प्रदेश सड़क हादसे: आखिर क्यों सबसे ज्यादा जान गंवा रहे हैं 16 से 30 साल के युवा?

11 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश सड़क हादसे: आखिर क्यों सबसे ज्यादा जान गंवा रहे हैं 16 से 30 साल के युवा?
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क हादसों की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। डायल-108 एंबुलेंस सेवा की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में एक साल के दौरान 1,03,294 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। सबसे चिंता की बात यह है कि इन हादसों में 61% पीड़ित 16 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवा हैं। अब सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में युवा ही क्यों हादसों का शिकार हो रहे हैं?


सागर में सबसे ज्यादा सड़क हादसे, इंदौर और भोपाल भी सूची में

रिपोर्ट के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में सागर जिला सबसे आगे रहा, जहां 6,061 हादसे दर्ज किए गए। इसके बाद इंदौर में 4,853 और भोपाल में 4,546 दुर्घटनाएं सामने आईं। टॉप-10 जिलों की सूची में छिंदवाड़ा (3,406), जबलपुर (3,398), धार (3,363), रीवा (3,289), सतना (2,912), विदिशा (2,786) और खरगोन (2,748) भी शामिल हैं। इन आंकड़ों ने प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है।


सबसे ज्यादा जोखिम में युवा, उम्रवार रिपोर्ट ने चौंकाया

रिपोर्ट में उम्र के आधार पर किए गए विश्लेषण से साफ हुआ कि सड़क हादसों का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है।


16-30 वर्ष — 61%

31-45 वर्ष — 24%

46-60 वर्ष — 9%

0-15 वर्ष — 4%

60 वर्ष से अधिक — 3%


इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि तेज रफ्तार और लापरवाही का सबसे बड़ा खामियाजा युवा वर्ग भुगत रहा है। अब जानते हैं कि आखिर हादसों की सबसे बड़ी वजहें क्या हैं।


मई में सबसे ज्यादा हादसे, त्योहारों के दौरान भी बढ़ा ग्राफ

महीनेवार विश्लेषण के मुताबिक मई 2025 में सबसे अधिक 12,047 सड़क हादसे दर्ज किए गए। जून और जुलाई में दुर्घटनाओं की संख्या में कुछ कमी आई, लेकिन अगस्त से फिर ग्राफ बढ़ने लगा। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अक्टूबर और नवंबर के त्योहारी सीजन के दौरान भी सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे साफ है कि व्यस्त यातायात के समय अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है।


ओवर स्पीडिंग बनी सबसे बड़ी वजह, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनदेखी भी भारी

108 एंबुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार के अनुसार अधिकांश गंभीर चोटें हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने की वजह से होती हैं। उन्होंने लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और ओवर स्पीडिंग से बचने की अपील की है।


रिपोर्ट में हादसों के प्रमुख कारण बताए गए हैं—

ओवर स्पीडिंग

शराब पीकर वाहन चलाना

हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी

ब्लैक स्पॉट और सड़क के गड्ढे

क्षमता से अधिक सवारी

स्टंट और लापरवाही से वाहन चलाना


यही कारण लगातार सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं।


ओवर स्पीडिंग पर नियंत्रण से 60% तक हादसे घट सकते हैं

भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह ओवर स्पीडिंग है। उनके मुताबिक यदि वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें तो सड़क हादसों में करीब 60% तक कमी लाई जा सकती है। हाल ही में भोपाल में तेज रफ्तार बाइक के डिवाइडर पर लगे पेड़ से टकराने से दो मेडिकल छात्रों की मौत हो गई थी। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि कुछ सेकंड की लापरवाही पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

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