
नई दिल्ली में आयोजित दो प्रमुख निवेश आयोजनों के बाद मध्यप्रदेश को ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के अमल में आने पर प्रदेश में करीब 27,592 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रहा है और राज्य 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
दिल्ली में उद्योगपतियों के सामने रखा निवेश का रोडमैप
नई दिल्ली के होटल द लीला पैलेस में आयोजित 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के उद्योगपतियों और वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश निवेशकों को नीति, नीयत, प्रतिभा, प्रवृत्ति, सुविधा, सामर्थ्य, ऊर्जा, उत्साह, सेवा और सुरक्षा की 10 गारंटियां प्रदान कर रहा है। साथ ही सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
भारत टेक्स-2026 से टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2026 के टेक्सटाइल राउंडटेबल में मध्यप्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग से जुड़े अवसरों पर चर्चा हुई।
बैठक में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, कौशल विकास और निर्यात बढ़ाने पर फोकस रहा। इस आयोजन के जरिए राज्य को ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनसे करीब 15,700 रोजगार मिलने की संभावना है।
रक्षा, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स में बड़े निवेश प्रस्ताव
निवेश संवाद के दौरान रक्षा और उच्च तकनीक वाले क्षेत्रों में भी निवेशकों ने रुचि दिखाई।
₹18,601 करोड़ के प्रस्ताव इन क्षेत्रों के लिए मिले हैं—
रक्षा उद्योग
डेटा सेंटर
ट्रांसफॉर्मर निर्माण
इलेक्ट्रॉनिक्स
नवीकरणीय ऊर्जा
इंजीनियरिंग
ऑप्टिकल उत्पाद
खिलौना उद्योग
इन निवेशों से लगभग 11,892 रोजगार मिलने का अनुमान है।
प्रमुख निवेश प्रस्ताव देने वाली कंपनियों में शामिल हैं—
ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव
सीमेंस एनर्जी
सिटाक रे
सनब्रिज डिफेन्स
हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस
वीरा इलेक्ट्रॉनिक्स
कई देशों के प्रतिनिधियों से हुई अलग-अलग बैठकें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कीं। श्रीलंका के उद्योग मंत्री सुनील हंदुन्नेत्ती तथा ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स के साथ कृषि, जैव ईंधन, खनन और एयरोस्पेस क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई।
इसके अलावा रूस के वित्तीय प्रतिनिधिमंडल, इटली और फ्रांस के प्रतिनिधियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर सहमति बनी।
व्यापार बढ़ाने के लिए सात एमओयू
प्रदेश में निवेश और निर्यात को गति देने के उद्देश्य से MPIDC ने 7 महत्वपूर्ण एमओयू किए।
इन समझौतों के तहत—
FIEO के साथ निर्यात सहयोग
ASSOCHAM के साथ औद्योगिक सहयोग
Amazon Global Selling के साथ MSME और शिल्पकारों को वैश्विक ई-कॉमर्स बाजार से जोड़ने की पहल
विभिन्न अपैरल और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ वस्त्र निर्यात और बायर-सेलर मीट आयोजित करने पर सहमति
निवेशकों के सामने पेश किया गया इंफ्रास्ट्रक्चर
कार्यक्रम में अधिकारियों ने राज्य की औद्योगिक सुविधाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया।
निवेशकों को बताया गया कि मध्यप्रदेश में—
5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क
8 संचालित एयरपोर्ट
6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो
उद्योगों के लिए सवा लाख एकड़ से अधिक लैंड बैंक
उपलब्ध है। साथ ही बिजली-पानी, फूड पार्क, आईटी पार्क और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार भी निवेशकों के लिए प्रमुख आकर्षण बताया गया।
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