
भोपाल। नवंबर की तरह ही दिसंबर में भी कड़ाके की सर्दी का दौर देखा जा रहा है। कुछ दिनों की आंशिक राहत के बाद एक बार फिर से प्रदेश को ठंड ने अपने आगोश में ले लिया है।प्रदेश में उत्तर से आ रही सर्द हवाओं और जेट स्ट्रीम ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में तेजी से गिरावट हुई है। रविवार को प्रदेश के पांच बड़े शहरों में से भोपाल में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री, इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री, ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री, जबलपुर में न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। वही 5.4 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश में हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। राजधानी भोपाल में 25 साल बाद दिसंबर का पहला सप्ताह इतना सर्द बना हुआ है।रविवार को भोपाल सहित 21 जगह न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।वहीं सोमवार को भोपाल में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया गया है जबकि इंदौर सहित 4 शहरों में कोल्ड डे की स्थिति बन रही है।
प्रदेश में फिलहाल सर्दी से राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग की माने तो फिलहाल मध्य प्रदेश में सर्दी से राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। दरअसल वायुमंडल में जेट स्ट्रीम की स्थिति बनी हुई है। यह इस समय मध्य भारत के ऊपरी हिस्से में बनी दिख रही है। जहां 250- 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं बह रही है इसलिए सर्दी का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। यह स्थिति 4 से 5 दिनों तक रह सकती है। इसके बाद यह उत्तरी पूर्वी भारत की ओर जाने की संभावना है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर भी जारी है। यहां से आ रही बर्फीली हवाओं ने भी प्रदेश में ठंडक घोल रखी है।
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