
भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल थम गया है और बुधवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज धूप रही। मौसम विभाग ने गुरुवार को कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है।
13 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि शुक्रवार को उमरिया, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट है।
प्रदेश में अभी कोई सक्रिय बारिश सिस्टम नहीं
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इस समय बारिश कराने वाला कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है। पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन जरूर मौजूद है, लेकिन उसका मध्य प्रदेश पर प्रभाव सीमित है।
इसका असर बुधवार के मौसम में भी दिखाई दिया। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बादल नजर नहीं आए और धूप तेज रही। भोपाल में अचानक बदले मौसम से लोग परेशान दिखे।
गुरुवार को भी धूप, कुछ जगह हल्की बारिश की संभावना
मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक गुरुवार को किसी भी जिले के लिए तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। ज्यादातर स्थानों पर मौसम साफ और धूप वाला रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन तेज बारिश के लिए कोई बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं है। मौसम का यह पैटर्न अगले 3 दिन तक बने रहने का अनुमान है।
शुक्रवार को 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए चार जिलों में हैवी रेन का अलर्ट जारी किया है।
उमरिया
मंडला
बालाघाट
डिंडौरी
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि प्रदेश के बाकी हिस्सों में तेज बारिश का कोई अलर्ट नहीं बताया गया है।
13 सितंबर को पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगा बारिश का असर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय सिस्टम नहीं है। इसलिए तत्काल तेज बारिश की उम्मीद कम है। उनके मुताबिक 13 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में तेज बारिश होने का अनुमान है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश अब भी कम
बारिश के आंकड़ों में प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1% तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इन जिलों में भी कमी दर्ज हुई है:
बालाघाट
छिंदवाड़ा
डिंडौरी
दमोह
जबलपुर
कटनी
नरसिंहपुर
पांढुर्णा
मंडला
रीवा
सागर
सिवनी
इन जिलों में सामान्य औसत की तुलना में 5% से 25% तक कम बारिश हुई है।
पिछले सप्ताह बाढ़ से सुधरा बारिश का आंकड़ा
पूर्वी हिस्से में पिछले एक सप्ताह के दौरान कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने थे। इससे सीजन की कुल बारिश के आंकड़े में सुधार आया। सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा बारिश के आंकड़ों में बेहतर स्थिति में पहुंचा था, लेकिन बुधवार तक इसकी स्थिति फिर 1% कम बारिश की रही।
पश्चिमी हिस्से के कई जिले बारिश में पिछड़े
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी सामान्य से कम पानी गिरा है। इनमें आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।
इन जिलों में सामान्य औसत के मुकाबले बारिश की कमी 7% से 55% तक दर्ज की गई है। इनपुट में खंडवा का नाम दो बार दिया गया है।
इन 23 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
IMD के आंकड़ों के अनुसार निम्न जिलों में सामान्य औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है: अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी।
इन जिलों को छोड़कर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।
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