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मध्य प्रदेश में मानसून विदा, फिर सक्रिय हुआ बारिश का सिस्टम; 9 अक्टूबर तक इन जिलों में बरसेंगे बादल

07 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में मानसून विदा, फिर सक्रिय हुआ बारिश का सिस्टम; 9 अक्टूबर तक इन जिलों में बरसेंगे बादल
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के बाद भी मौसम पूरी तरह सूखा नहीं हुआ है। पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर जारी है और अगले कुछ दिनों तक इसके बने रहने का अनुमान है।


8 और 9 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना है, जबकि 10 अक्टूबर से सिस्टम कमजोर पड़ने की बात कही गई है। पश्चिमी हिस्से में दिन गर्म और रातें ठंडी रहने का अनुमान है।


16 जिलों में बारिश का अनुमान

अगले 24 घंटे में पूर्वी और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मंगलवार को रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मौसम सक्रिय रहा।


बारिश के अनुमान वाले जिलों में शामिल हैं:

  1. जबलपुर

  2. छतरपुर

  3. पन्ना

  4. सतना

  5. रीवा

  6. मऊगंज

  7. सीधी

  8. सिंगरौली

  9. मैहर

  10. कटनी

  11. उमरिया

  12. शहडोल

  13. डिंडौरी

  14. अनूपपुर

  15. मंडला

  16. बालाघाट


बुधवार के लिए इन इलाकों में गरज-चमक, आंधी और बारिश का अलर्ट बताया गया है।


10 अक्टूबर से कमजोर होगा सिस्टम

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसी मौसमी सिस्टम के कारण मानसून की विदाई के बाद भी पूर्वी क्षेत्रों में बारिश की स्थिति बनी हुई है।


8 और 9 अक्टूबर को बारिश का असर पूर्वी हिस्से तक सीमित रहने की संभावना है। 10 अक्टूबर को सिस्टम कमजोर होने का अनुमान है और उस दिन कोई अलर्ट नहीं बताया गया है।


भोपाल-इंदौर समेत पश्चिमी हिस्से में धूप

पश्चिमी मध्य प्रदेश के मौसम का मिजाज इससे अलग रहने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में दिन के समय तेज धूप निकल सकती है। रात में तापमान में गिरावट और ठंडक का असर बना रहेगा।


कई शहरों में रात का पारा 19 डिग्री से नीचे

प्रदेश के कुछ हिस्सों में रातें ठंडी होने लगी हैं। बीती रात दर्ज न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:

इंदौर: 17.2°C

पचमढ़ी: 18°C

छिंदवाड़ा: 18.2°C

शाजापुर: 18.3°C

अमरकंटक-करौंदी: 18.9°C


इसके विपरीत ग्वालियर में दिन का तापमान 37°C से ऊपर बना हुआ है।


अक्टूबर में बदलता रहेगा मौसम

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक पिछले 10 वर्षों के अक्टूबर के आंकड़ों में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह का मौसम देखने को मिला है।


उनके अनुसार इस बार भी अक्टूबर में मौसम में इसी तरह का बदलाव देखने को मिल सकता है। महीने की शुरुआत में मौसम साफ रहने और धूप निकलने के साथ रात में ठंडक बढ़ी है।


इस बार मानसून में 4% कम बारिश

प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून को पहुंचा था और 3 अक्टूबर को पूरे मध्य प्रदेश से इसकी विदाई हो गई। कुल मिलाकर मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा।


इस दौरान प्रदेश में 908.4 मिमी (35.8 इंच) बारिश रिकॉर्ड हुई, जो सामान्य 949.5 मिमी (37.3 इंच) से करीब 1.5 इंच कम है। कुल बारिश सामान्य से 4% कम रही।


क्षेत्रवार स्थिति में बड़ा अंतर देखने को मिला। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4% अधिक, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई।


इन जिलों में 5 से 21% तक कमी

पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा सामान्य से 4% ज्यादा बताया गया है। इसके बावजूद कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा कम रहा।


बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश दर्ज हुई।


पश्चिमी हिस्से के 20 जिलों में ज्यादा कमी

पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी अपेक्षाकृत ज्यादा रही। इन जिलों में सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश हुई:

  1. आलीराजपुर

  2. अशोकनगर

  3. बड़वानी

  4. बैतूल

  5. देवास

  6. धार

  7. हरदा

  8. इंदौर

  9. झाबुआ

  10. खंडवा

  11. मंदसौर

  12. मुरैना

  13. नर्मदापुरम

  14. नीमच

  15. रायसेन

  16. रतलाम

  17. सीहोर

  18. शाजापुर

  19. उज्जैन

  20. विदिशा


25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।


इसके अलावा 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

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