
भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिन मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे। 26 जून तक कई इलाकों में लू और तेज गर्मी का असर रहेगा, जबकि कई जिलों में आंधी और बारिश की भी संभावना बनी हुई है।
मानसून की रफ्तार धीमी होने और प्री-मानसून गतिविधियां कमजोर पड़ने से उमस बढ़ गई है। पिछले दो दिनों से जबलपुर संभाग में लू का असर भी महसूस किया जा रहा है।
अगले चार दिन इन संभागों में हीटवेव का अलर्ट
भोपाल स्थित मौसम केंद्र (IMD) ने अगले चार दिन तक जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन के समय गर्म हवाएं चलने की संभावना है। शाम के बाद इन इलाकों में आंधी और बारिश का मौसम बन सकता है।
इन जिलों में गर्मी का असर रहेगा
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में गर्मी का असर बना रहने का अनुमान है।
21 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
लू के साथ प्रदेश के 21 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है—
- झाबुआ
- अलीराजपुर
- धार
- बड़वानी
- निवाड़ी
- टीकमगढ़
- छतरपुर
- पन्ना
- सतना
- रीवा
- मऊगंज
- सीधी
- सिंगरौली
- शहडोल
- मैहर
- अनूपपुर
- कटनी
- दमोह
- सागर
- विदिशा
- अशोकनगर
रविवार को कई जिलों में हुई अच्छी बारिश
रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी दर्ज की गई।
- रायसेन में 61 मिमी यानी करीब ढाई इंच बारिश हुई।
- भोपाल में दोपहर के समय तेज बारिश हुई।
- सतना में करीब पौन इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई।
- जबलपुर, खजुराहो, नौगांव और सिवनी में भी बारिश का दौर जारी रहा।
बड़े शहरों का तापमान
रविवार को दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
- भोपाल — 35.3°C
- इंदौर — 37.1°C
- ग्वालियर — 39.7°C
- उज्जैन — 36°C
- जबलपुर — 38°C
अन्य जिलों का तापमान
- पचमढ़ी — 32.2°C (सबसे कम)
- सिवनी और शिवपुरी — 35°C
- रायसेन — 36°C
- सागर और टीकमगढ़ — 36.5°C
- दतिया — 40.6°C (सबसे अधिक)
मानसून अभी चार दिन दूर
प्रदेश में मानसून सामान्य समय से 7 दिन पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इसकी एंट्री में अभी करीब चार दिन और लग सकते हैं। अनुमान है कि 23 जून को मानसून छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ेगा। इसके बाद 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
सामान्य समय से पीछे है मानसून
आमतौर पर प्रदेश में मानसून 15 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार 22 जून तक इसकी एंट्री नहीं हो सकी। मौसम विभाग के अनुसार मानसून 8 जून से तेलंगाना में रुका हुआ है। इसकी रफ्तार बढ़ने पर 23 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंचने और उसके बाद 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश आने की संभावना है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंच गया था।
जून में बारिश का आंकड़ा काफी पीछे
मानसून की देरी का असर बारिश के आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है।
- पूरे प्रदेश में अब तक 48 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में 69 प्रतिशत कम वर्षा हुई।
- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में बारिश 29 प्रतिशत कम रही।
- 55 में से 45 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई।
- अलीराजपुर में अब तक एक बूंद भी बारिश दर्ज नहीं हुई।
- भोपाल में सबसे ज्यादा करीब साढ़े चार इंच बारिश हो चुकी है।
किसानों की बढ़ी चिंता
मानसून में देरी का सबसे ज्यादा असर खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ रहा है। सोयाबीन, उड़द, मूंग और तुअर जैसी फसलों की बोवनी कई जगह शुरू नहीं हो सकी है। शाजापुर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एसएस धाकड़ के अनुसार, बोवनी के लिए कम से कम 4 इंच बारिश जरूरी होती है ताकि खेत में पर्याप्त नमी बन सके। इसके बाद ही किसानों को बुवाई करनी चाहिए।
पहले बोए बीज खराब होने का खतरा
मानसून समय पर आने की उम्मीद में कई जिलों के किसानों ने पहले ही सोयाबीन की बुवाई कर दी थी। अब पर्याप्त बारिश नहीं होने से बीज खराब होने की आशंका बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है। जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।
सामान्य से कम बारिश वाले जिले
अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, रीवा, पन्ना, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है।
सामान्य से ज्यादा बारिश वाले जिले
भोपाल, आगर-मालवा, अशोकनगर, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, सीहोर, शाजापुर और श्योपुर में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
फटाफट जानो
1. मध्य प्रदेश में मानसून कब आने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 25 जून के आसपास मानसून प्रवेश कर सकता है।
2. हीटवेव का अलर्ट कब तक है?
IMD ने 26 जून तक कई जिलों में लू का असर बने रहने का अनुमान जताया है।
3. किन जिलों में आंधी-बारिश की संभावना है?
झाबुआ, धार, अलीराजपुर, रीवा, सतना, सागर, विदिशा, अशोकनगर समेत 21 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी है।
4. किसानों की चिंता क्यों बढ़ी है?
मानसून में देरी के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है और पहले बोए गए बीज खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
5. प्रदेश में अब तक कितनी कम बारिश हुई है?
पूरे मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से 48 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
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