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MP में बाघों की मौत का रिकॉर्ड टूटा! 25 साल में पहली बार 1 साल में 50 मौतें, अफसरों पर गिरी गाज

13 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP में बाघों की मौत का रिकॉर्ड टूटा! 25 साल में पहली बार 1 साल में 50 मौतें, अफसरों पर गिरी गाज

MP में बाघों की मौत का रिकॉर्ड टूटा! 25 साल में पहली बार 1 साल में 50 मौतें, अफसरों पर गिरी गाज

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

मध्य प्रदेश में बाघों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले 25 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है जब एक ही साल में 50 बाघों की मौत दर्ज की गई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि देशभर में बाघों की मौत के मामलों में मध्य प्रदेश नंबर वन पर पहुंच गया है।


25 साल में सबसे ज्यादा बाघों की मौत

मध्य प्रदेश में बीते एक साल के भीतर 50 बाघों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा पिछले 25 वर्षों में सबसे ज्यादा है। लगातार बाघ और तेंदुओं की मौत से वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।


देश में बाघ मौत के मामलों में MP नंबर वन

देशभर में बाघों की मौत के मामलों में मध्य प्रदेश शीर्ष पर पहुंच गया है। बिजली करंट, सड़क दुर्घटना और रेल हादसों में कई बाघ और तेंदुए मारे गए हैं।


संजय टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर को नोटिस

लगातार हो रही मौतों के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख वी।एन। अंबाड़े ने संजय डुबरी टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर को नोटिस जारी किया है।


‘वन्य जीव सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता’

नोटिस में कहा गया है कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन पिछले कई महीनों में बाघ और तेंदुओं की मौत की घटनाएं बढ़ी हैं। निर्देश जारी करने के बाद भी वन्यजीव संरक्षण को लेकर लापरवाही बढ़ती दिखाई दे रही है। नोटिस में रेलवे और अन्य एजेंसियों से समन्वय स्थापित करने, कार्ययोजना बनाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए गए हैं।


शिकार और हड्डी जब्ती पर भी सवाल

टाइगर रिजर्व में पुख्ता व्यवस्था के बावजूद बाघों और अन्य वन्यजीवों का शिकार होना और हड्डियों की जब्ती को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। इसे अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही माना गया है। सभी मामलों की विवेचना कर मुख्यालय को जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।


दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग – दुबे

दुबे ने कहा, “हमारी मांग पहले से ही यह रही है कि बाघों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो। उनके सुरक्षा के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं लेकिन फिर भी मौत हो रही है शिकार हो रहे हैं। इस पर ध्यान देने की जरूरत है अफसर के खिलाफ जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। बाघ की मौत पर अक्सर को दोषी बनाकर एक्शन लेना चाहिए।”


‘अभी नोटिस भेजा है, आगे कार्रवाई भी करूंगा’ – वन बल प्रमुख

वन बल प्रमुख विजय कुमार एन अंबाड़े ने कहा,

 “प्रदेश भर में बाघों की मौत यह चिंता की बात है। इसलिए सभी मुख्य वन संरक्षक को निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा संजय टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर को नोटिस भेज का जवाब मांगा गया है। लगातार प्रदेश भर में बाघों की मौत यह विभाग के लिए चिंता का विषय है। यही कारण है कि अफसर के खिलाफ अभी तो नोटिस जारी की है और आगे कार्रवाई की जाएगी।”

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