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महाकाल मंदिर में श्रावण के पहले वीकेंड पर बदले दर्शन नियम, तीन दिन श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था लागू

01 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
महाकाल मंदिर में श्रावण के पहले वीकेंड पर बदले दर्शन नियम, तीन दिन श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था लागू
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर में श्रावण मास के पहले वीकेंड के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष दर्शन व्यवस्था लागू कर दी गई है। शनिवार, रविवार और सोमवार तक अलग-अलग श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश मार्ग और दर्शन व्यवस्था तय की गई है।


मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में नंदी हाल और मंदिर परिसर में प्रवेश सीमित किया जाएगा। इसके बावजूद सामान्य श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था नियमित रूप से संचालित होती रहेगी।


श्रावण के पहले वीकेंड पर रहेगी विशेष व्यवस्था

श्रावण मास के पहले लगातार तीन दिनों में देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसी को देखते हुए मंदिर समिति ने भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग श्रेणियों के श्रद्धालुओं हेतु विशेष व्यवस्था लागू की है।


सामान्य श्रद्धालु किस मार्ग से करेंगे दर्शन?

सामान्य दर्शनार्थियों को श्री महाकाल महालोक स्थित नंदी द्वार से प्रवेश दिया जाएगा।


दर्शन की निर्धारित व्यवस्था इस प्रकार रहेगी—

मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर से प्रवेश

महाकाल टनल होकर आगे बढ़ेंगे

गणेश मंडपम तक पहुंचेंगे

यहां से करीब 50 फीट की दूरी से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे।


शीघ्र दर्शन टिकटधारी और कांवड़ यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था

मंदिर समिति ने शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों के लिए अलग प्रवेश मार्ग निर्धारित किया है। इन श्रद्धालुओं को हरसिद्धि चौराहा और अवंतिका द्वार (गेट नंबर-1) से प्रवेश मिलेगा। इसके बाद वे नंदी हाल के पीछे बने प्रथम बैरिकेड से भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे।


जलाभिषेक की भी मिलेगी सुविधा

विशेष व्यवस्था के तहत शीघ्र दर्शन टिकटधारी और कांवड़ यात्री सभा मंडप में रखे गए विशेष जल पात्रों से भगवान महाकाल का जलाभिषेक भी कर सकेंगे।


भीड़ के अनुसार लागू होंगे प्रोटोकॉल नियम

श्रावण-भाद्रपद मास के दौरान मंदिर प्रशासन भीड़ की स्थिति के आधार पर नंदी मंडपम और मंदिर परिसर में प्रवेश संबंधी व्यवस्था लागू करेगा। शुक्रवार को अधिक भीड़ रहने के कारण कुछ विशेष विभागों और राजनीतिक दलों को छोड़कर अन्य प्रोटोकॉल बंद रखे गए।


प्रशासक ने क्या कहा?

मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, नंदी हाल और प्रोटोकॉल संबंधी व्यवस्था भीड़ के अनुसार तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सामान्य श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था बिना बाधा जारी रहेगी और आम भक्तों को नंदी मंडपम से कोई संबंध नहीं है।

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