
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एक नई और खास सौगात जुड़ गई है। बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा महाकाल के गर्भगृह में नया चांदी का भव्य द्वार स्थापित किया गया है, जो अपनी खूबसूरती और कारीगरी के कारण सभी का ध्यान खींच रहा है।
विधि-विधान से हुआ रजत द्वार का स्थापना समारोह
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में रविवार (14 दिसंबर) को विधि-विधान के साथ नए रजत द्वार की स्थापना की गई। यह द्वार खास तौर पर गर्भगृह के आंतरिक और बाहरी परिसर की माप के अनुसार तैयार किया गया है।
कोलकाता के भक्त ने किया चांदी का दान
महाकालेश्वर मंदिर में स्थापित यह रजत द्वार कोलकाता निवासी भक्त निभा प्रकाश द्वारा दान किया गया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर के आखिरी सप्ताह में कोलकाता से उज्जैन आए श्रद्धालु निभा प्रकाश ने मंदिर के पुजारी पंडित भूषण व्यास की प्रेरणा से यह दान किया।
लकड़ी के पल्लों पर मढ़ी गई चांदी
दान में दी गई चांदी को लकड़ी के दो पल्लों पर मढ़ा गया है। इन्हीं दो पल्लों को गर्भगृह के द्वार के रूप में स्थापित किया गया है। यह निर्माण पूरी तरह गर्भगृह की संरचना को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
कलात्मक कारीगरी से सजा रजत द्वार
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में लगाया गया नया रजत द्वार बेहद आकर्षक और सुंदर है। इस द्वार पर नंदी, ओम और त्रिशूल के साथ-साथ फूल और पत्तियों की कलात्मक डिजाइन उकेरी गई है, जो इसकी भव्यता को और बढ़ाती है।
50 लाख रुपये बताई जा रही है कीमत
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में लगाए गए इस नए रजत द्वार की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। यह नवीन चांदी के दो पल्ले लकड़ी पर रजत मंडित द्वार के रूप में निर्मित हैं, जिनमें कुल 25 किलोग्राम चांदी का उपयोग किया गया है।
मंदिर प्रबंध समिति ने किया भक्त का सत्कार
इस अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया द्वारा कोलकाता निवासी भक्त निभा प्रकाश का स्वागत एवं सत्कार किया गया।
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