
इंदौर का भागीरथपुरा इलाका इस वक्त दहशत और ग़म के साये में है। जिन घरों में रोज़ सुबह नल से पानी आता था, वहीं पानी अब मौत की वजह बन गया है। दूषित पानी पीने से अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है और 35 से ज्यादा लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। मामला सामने आते ही न सिर्फ इंदौर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस गंभीर घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई की है और आज शाम खुद इंदौर पहुंचकर हालात का जायजा लेने वाले हैं।
भागीरथपुरा में कैसे फैला दूषित पानी का ज़हर?
भागीरथपुरा इलाके में पिछले कुछ दिनों से लोग उल्टी-दस्त, बुखार और पेट दर्द की शिकायत कर रहे थे। शुरुआत में इसे आम मौसमी बीमारी समझा गया, लेकिन जब मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी और मौतें होने लगीं, तब शक गहराया कि कहीं पानी ही तो बीमारी की जड़ नहीं है। जांच में सामने आया कि इलाके में सप्लाई हो रहा पानी दूषित था। इसी पानी को पीने से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े और देखते ही देखते आठ लोगों की मौत हो गई। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, आज करेंगे ग्राउंड विजिट
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने आज शाम इंदौर जाने का कार्यक्रम तय किया है। मुख्यमंत्री अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों से मुलाकात करेंगे और इलाज की स्थिति का जायजा लेंगे। साथ ही वे मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी और सभी मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरी गाज
इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। 30 दिसंबर की देर रात जोनल अधिकारी शालिग्राम शितोले को निलंबित कर दिया गया है। प्रभारी असिस्टेंट इंजीनियर (PHE) योगेश जोशी भी सस्पेंड कर दिए गए हैं। प्रभारी डिप्टी इंजीनियर (PHE) शुभम श्रीवास्तव की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। सरकार ने तीन सदस्यों की एक जांच समिति भी बनाई है, जो यह पता लगाएगी कि पानी आखिर कैसे दूषित हुआ और इसमें किन-किन की जिम्मेदारी बनती है।
50 टैंकरों से सप्लाई और हेल्पलाइन नंबर जारी
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भी इस घटना पर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल भागीरथपुरा इलाके में 50 टैंकरों से शुद्ध पानी की सप्लाई की जा रही है, ताकि लोग दोबारा दूषित पानी के संपर्क में न आएं। लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 7440440511 भी जारी किया गया है, जिस पर बीमारी या पानी से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं।
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