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रायसेन में बड़ा हादसा: दो टुकड़ों में टूटा पुल भरभरा कर नदी में गिरा, हादसे का शिकार होते बाल-बाल बची यात्री बस

01 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
रायसेन में बड़ा हादसा: दो टुकड़ों में टूटा पुल भरभरा कर नदी में गिरा, हादसे का शिकार होते बाल-बाल बची यात्री बस

रायसेन में बड़ा हादसा: दो टुकड़ों में टूटा पुल भरभरा कर नदी में गिरा, हादसे का शिकार होते बाल-बाल बची यात्री बस

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायसेन जिले में सोमवार सुबह ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने हर किसी को दहला दिया। नगर बरेली से पिपरिया मार्ग पर ग्राम नयागांव के पास बना पुराना पुल अचानक भरभराकर टूट गया। देखते ही देखते पुल का बीच वाला हिस्सा नदी में जा गिरा और उसी वक्त उस पर गुजर रही एक स्कूटी और एक बाइक सवार चार लोग भी नदी के तेज बहाव में समा गए। गनीमत रही कि मौके पर ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और चारों को बाहर निकाला गया, लेकिन सभी गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। घायलों को पहले बरेली अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया है।


पुल के नीचे चल रहा था मरम्मत का काम

जानकारी के मुताबिक, जिस पुल पर हादसा हुआ उसके नीचे बीते कुछ दिनों से मरम्मत कार्य चल रहा था। हादसे से कुछ मिनट पहले ही मजदूर पुल के नीचे से बाहर निकले थे, जिससे उनकी जान बच गई। यदि मजदूर वहीं मौजूद होते तो हादसा और बड़ा हो सकता था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। हालांकि तब तक ग्रामीणों ने घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया था।


हादसे का शिकार हुए लोग

पुल के टूटने के समय एक स्कूटी और एक बाइक पुल पर थी, जिन पर सवार कुल चार लोग नदी में गिर गए। चारों को गंभीर चोटें आई हैं और फिलहाल भोपाल के अस्पताल में इलाज जारी है।


बस होती पुल पर, तो मच जाता मौत का तांडव

ग्रामीणों का कहना है कि पुल की हालत लंबे समय से खराब थी, इसके बावजूद समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के महज कुछ मिनट बाद यहां से एक यात्री बस गुजरने वाली थी, जो घटना के वक्त लगभग 300–400 मीटर दूर थी।

ग्रामीणों का कहना है, "बस अगर पुल पार कर रही होती तो आज हालात और भयानक होते। सैकड़ों लोगों की जान जा सकती थी।"


पहले भी जताई गई थी पुल की जर्जर हालत

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस पुल की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन को शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही। यदि समय रहते मरम्मत होती तो यह हादसा टल सकता था।


प्रशासन की लापरवाही या सिस्टम की चूक?

अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह हादसा प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है? क्या पुल की समय पर जांच नहीं की गई? और क्या जानबूझकर खतरे को नजरअंदाज किया गया? फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और प्रशासन ने भी रिपोर्ट तलब की है।

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