
भोपाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के बाद चुनावी गणित बदलता नजर आ रहा है। लंबी जांच प्रक्रिया और दावे-आपत्तियों की सुनवाई के बाद शहर की कुल वोटर संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। शनिवार को जारी होने वाली फाइनल सूची से पहले सामने आए आंकड़े कई विधानसभा क्षेत्रों में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं।
क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन और क्यों हुआ बदलाव
मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए प्रशासन ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान चलाया था। दिसंबर में प्रारूप सूची जारी होने के बाद बूथ लेवल ऑफिसर्स ने घर-घर जाकर जानकारी जुटाई। इस दौरान नए पंजीकरण, संशोधन और नाम हटाने के लिए फॉर्म 6, 7 और 8 लिए गए। जिन मतदाताओं की जानकारी स्पष्ट नहीं मिली, उन्हें नोटिस देकर करीब 50 दिन तक सत्यापन किया गया। फरवरी मध्य तक पूरी प्रक्रिया खत्म होने के बाद अब अंतिम सूची तैयार हो चुकी है।
कुल मतदाता संख्या में कितना आया बदलाव
पहले अक्टूबर 2025 तक भोपाल में 21.25 लाख से ज्यादा मतदाता दर्ज थे। संशोधन के बाद यह संख्या घटकर लगभग 17.45 लाख रह गई है। यानी करीब 3.80 लाख से ज्यादा नाम सूची से हटाए गए हैं। यह बदलाव शहर की चुनावी तस्वीर पर सीधा असर डाल सकता है, क्योंकि कई विधानसभा क्षेत्रों में हजारों वोटर्स कम हुए हैं।
उम्र के आधार पर भी जारी होंगे आंकड़े
नई सूची में इस बार उम्र के हिसाब से विस्तृत डेटा भी शामिल किया जा रहा है। खास बात यह है कि 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के मतदाताओं की संख्या भी अलग से दिखाई जाएगी। जानकारी के अनुसार शहर में करीब 125 ऐसे वरिष्ठ मतदाता दर्ज किए गए हैं।
भोपाल की 7 विधानसभा सीटों की पूरी तस्वीर
गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा नाम कटे
शहर में सबसे बड़ा बदलाव गोविंदपुरा विधानसभा में देखा गया है, जहां 81 हजार से ज्यादा मतदाता सूची से हटाए गए हैं। यह क्षेत्र पहले से ही हाई प्रोफाइल माना जाता है, इसलिए आंकड़ों पर खास नजर रहेगी।
नरेला और मध्य सीटों पर भी बड़ा असर
नरेला विधानसभा से करीब 70 हजार से अधिक नाम कम हुए हैं, जबकि भोपाल मध्य सीट से लगभग 63 हजार मतदाता घटे हैं। यह गिरावट राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
दक्षिण-पश्चिम और हुजूर में भी बड़ी कमी
भोपाल दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में 61 हजार से ज्यादा और हुजूर में करीब 50 हजार नाम कम हुए हैं। दोनों सीटों पर पहले बड़ी वोटर संख्या रही है, इसलिए नए आंकड़े रणनीति बदल सकते हैं।
उत्तर और बैरसिया में अपेक्षाकृत कम बदलाव
भोपाल उत्तर से लगभग 44 हजार नाम हटे हैं, जबकि बैरसिया विधानसभा में सबसे कम यानी करीब 8 हजार 889 मतदाता कम हुए हैं।
थर्ड जेंडर वोटर्स की संख्या भी घटी
SIR के बाद थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है। पहले जहां कुल 166 वोटर थे, अब यह संख्या घटकर 72 रह गई है। खासकर मध्य विधानसभा में इस कैटेगरी में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
फाइनल सूची जारी होने से पहले कलेक्टर की अध्यक्षता में स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद नई वोटर लिस्ट आधिकारिक रूप से लागू होगी और आगामी चुनावी प्रक्रियाओं में इसी का इस्तेमाल होगा।
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