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महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव: संध्या और शयन आरती के लिए अब ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य

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महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव: संध्या और शयन आरती के लिए अब ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य

महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव: संध्या और शयन आरती के लिए अब ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

उज्जैन। मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन से बड़ी खबर सामने आई है। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रबंधन समिति ने अहम बदलाव लागू किया है। अब संध्या आरती और शयन आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को पहले से ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना बताया जा रहा है।


डिजिटल सिस्टम से होगी आरती की बुकिंग

महाकाल प्रबंधन समिति ने मंदिर की सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए यह नई प्रक्रिया शुरू की है। अब श्रद्धालु अधिकृत वेबसाइट के जरिए 250 रुपये शुल्क जमा कर आरती के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। संध्या आरती की बुकिंग दोपहर 12 बजे से शुरू होगी, जबकि शयन आरती के लिए बुकिंग शाम 4 बजे से उपलब्ध रहेगी। समिति का कहना है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और अव्यवस्था कम होगी।


सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट से ही मिलेगी एंट्री

मंदिर समिति के अनुसार, दोनों आरतियों की बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in पर ही की जा सकेगी। किसी अन्य माध्यम से की गई बुकिंग मान्य नहीं होगी। सीटें “प्रथम आओ, प्रथम पाओ” के आधार पर उपलब्ध होंगी, इसलिए श्रद्धालुओं को समय रहते स्लॉट सुरक्षित करने की सलाह दी गई है।


एंट्री टाइम और प्रवेश द्वार की नई गाइडलाइन

नई व्यवस्था के तहत संध्या और शयन आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश द्वार क्रमांक 1 से ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा। संध्या आरती के लिए मंदिर में प्रवेश का अंतिम समय शाम 6:00 बजे तक तय किया गया है। शयन आरती में शामिल होने वालों के लिए अंतिम एंट्री रात 10:00 बजे तक रहेगी। निर्धारित समय के बाद किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।


श्रद्धालुओं की सुविधा और पारदर्शिता पर जोर

मंदिर प्रशासन का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से भीड़ प्रबंधन आसान होगा और श्रद्धालुओं को लंबी लाइनों से राहत मिलेगी। साथ ही बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आने से व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित बनेगी।

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