
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आज कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाले एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम की मेजबानी कर रही है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में प्रभावी बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में एक बड़ा वैचारिक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत मंत्री, विधायक और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी योजनाएं तैयार करना है जिनसे किसानों की आय बढ़े और खेती वास्तव में फायदे का सौदा बन सके।
खेती को “लाभ का व्यवसाय” बनाने पर जोर
राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीक और नई योजनाओं से जोड़ा जाए। इस बैठक में यह तय किया जाएगा कि सरकारी योजनाएं किसानों तक तेजी से और प्रभावी तरीके से कैसे पहुंचें। सरकार चाहती है कि प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित करें और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। इसके लिए दिनभर चलने वाले इस कार्यक्रम में नीति, तकनीक और जमीन पर लागू होने वाले मॉडल पर विस्तार से चर्चा होगी।
विभागों की कार्ययोजना का प्रजेंटेशन
दोपहर के सत्र में कृषि और उससे जुड़े प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के सामने अपनी विस्तृत योजनाएं प्रस्तुत करेंगे। इन प्रस्तुतियों में आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन सुधारने के रोडमैप पर चर्चा होगी।
कृषि विभाग
कृषि विभाग उन्नत किस्म के बीज, संतुलित उर्वरक उपयोग और आधुनिक खेती तकनीकों को बढ़ावा देने की योजनाओं पर प्रस्तुति देगा।
उद्यानिकी और मत्स्य विभाग
इन विभागों का फोकस नकदी फसलों और मछली पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करने पर रहेगा।
सहकारिता और पशुपालन
डेयरी उद्योग को मजबूत करने, सहकारी समितियों को सशक्त बनाने और पशुपालन को आय का अतिरिक्त स्रोत बनाने पर चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम का दिनभर का शेड्यूल
विशेषज्ञों का तकनीकी सत्र
सुबह 11 बजे से 12:30 बजे तक कृषि, उद्यानिकी और मत्स्य क्षेत्र के विशेषज्ञ जनप्रतिनिधियों को नई तकनीकों और योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे।
जनप्रतिनिधियों के सवाल
दोपहर करीब 3:10 बजे विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों की कृषि समस्याएं अधिकारियों के सामने रखेंगे और समाधान पर चर्चा होगी।
मंत्रियों का संबोधन
करीब 3:20 बजे संबंधित विभागों के मंत्री अपनी प्राथमिकताएं और योजनाएं साझा करेंगे।
मुख्यमंत्री का विजन
दोपहर 3:30 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम को संबोधित करेंगे और किसानों के हित में सरकार की आगामी रणनीति और योजनाओं का खाका पेश करेंगे।
क्यों खास है ‘कृषि वर्ष 2026’?
मध्य प्रदेश देश के प्रमुख कृषि राज्यों में गिना जाता है। गेहूं, सोयाबीन, चना और अन्य फसलों के उत्पादन में राज्य की बड़ी भूमिका है। ऐसे में सरकार का प्रयास है कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के जरिए किसानों की आय को स्थायी रूप से बढ़ाया जाए। कृषि वर्ष के तहत सरकार का लक्ष्य है कि खेती को सिर्फ जीविका का साधन नहीं बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत व्यवसाय बनाया जाए।
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