
भोपाल। राजधानी भोपाल में मंगलवार देर रात पुलिस का सख्त अंदाज देखने को मिला, जब पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के निर्देश पर शहर के ईरानी डेरे में बड़े स्तर पर कॉम्बिंग गश्त की गई। करीब रात दो बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में अलग-अलग थानों के प्रभारी और भारी पुलिस बल शामिल रहा। इलाके को चारों तरफ से घेरकर करीब 400 पुलिसकर्मियों ने तलाशी अभियान चलाया, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया।
कॉम्बिंग गश्त में 30 अपराधी पकड़े गए
पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान ईरानी गैंग से जुड़े करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के सदस्य लंबे समय से जालसाजी, चेन स्नेचिंग और वाहन चोरी जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं। गैंग के सरगना राजू ईरानी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जिसके बाद लगातार कार्रवाई जारी है।
कमिश्नर संजय कुमार का सख्त संदेश
2004 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय कुमार हाल ही में बालाघाट आईजी पद से ट्रांसफर होकर भोपाल पुलिस कमिश्नर बने हैं। पद संभालने के बाद से ही उन्होंने फील्ड में सक्रिय रहते हुए पुलिसकर्मियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। नशे के खिलाफ अभियान, अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के संकेत भी उन्होंने पहले ही दे दिए थे। ईरानी डेरे पर की गई यह कार्रवाई उनके सख्त रुख को दिखाती है।
6 राज्यों में फैला था गैंग का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि ईरानी गैंग केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान समेत छह राज्यों में सक्रिय था। सरगना राजू ईरानी को भोपाल पुलिस ने गुजरात के सूरत से पकड़ा था, जिस पर चोरी और लूट के कई मामले दर्ज हैं। इससे पहले 31 दिसंबर 2025 को अमन कॉलोनी में दबिश देकर पुलिस ने लूट का सामान और अवैध हथियार भी बरामद किए थे।
लगातार जारी रहेगा अभियान
भोपाल पुलिस का कहना है कि शहर में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। कॉम्बिंग गश्त का मकसद अपराध पर नियंत्रण के साथ-साथ लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में संवेदनशील इलाकों में और भी सख्त निगरानी देखने को मिल सकती है।
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