
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गांधी जयंती केवल महात्मा गांधी को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके उच्च आदर्शों को जीवन और आचरण में उतारने का प्रेरणा दिवस है। गांधी भवन में शुक्रवार को आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में उन्होंने कहा कि गांधीजी के प्रिय भजनों के संदेश पर प्रतिदिन चिंतन कर उसे जीवन में अपनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल की प्रेरणा पर उपस्थित लोगों ने क्रोध नहीं करने का संकल्प भी लिया। राज्यपाल ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला और गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मार्ट टीवी का लोकार्पण करने के साथ कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी को देखा। इस दौरान ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के पुरस्कृत विद्यार्थियों के साथ समूह चित्र में भी सहभागिता की।
राज्यपाल ने कहा कि जीवन की सार्थकता अच्छा इंसान बनने और देश-समाज के लिए कार्य करने में है। उन्होंने नशामुक्त जीवन, पर्यावरण संरक्षण और जल-विद्युत बचत के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने मां के नाम पर एक पेड़ लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान भी किया। साथ ही सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान और समाजसेवा के कार्यों में सहभागिता की अपील की।
‘आओ जानें गांधी को’ के विजेता सम्मानित
राज्यपाल ने गांधी भवन न्यास की ओर से आयोजित अंतर-विद्यालयीन ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए। प्रतियोगिता में वाद-विवाद, कविता लेखन, पत्र लेखन, चित्रकला, भजन, लघु नाटिका, मोबाइल रील और डॉक्यूमेंट्री जैसी विधाओं में विद्यार्थियों ने भाग लिया। सहयोगी विद्यालयों के शिक्षकों, निर्णायकों, पर्यवेक्षकों और स्वयंसेवकों को भी स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता भ्रमर मेघवंशी, नलिनी नावरेकर, गांधी न्यास के अध्यक्ष महेश सक्सेना सहित विद्यार्थी, शिक्षक, युवा और नागरिक उपस्थित रहे।
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