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मध्यप्रदेश में भी बिहार की तर्ज पर मखाना की खेती को किया जाएगा प्रोत्साहित, चार जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरुआत: नारायण सिंह कुशवाह

11 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Makhane ki kheti

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Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह का कहना है कि मध्यप्रदेश में भी बिहार की तर्ज पर मखाना की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश के 4 जिलों नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सिवनी में मखाना खेती क्षेत्र विस्तार को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। मंत्री ने संबंधित जिलों के किसानों को योजना से जुड़ने की अपील की है।

मंत्री नारायण सिंह कुशवाह का कहना है कि मखाने का उत्पादन भी सिंघाड़ा की तरह छोटे-छोटे तालाबों में किया जाता है। बिहार में मखाना उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है मखाने के बीज को फल का स्वरूप प्रदान करने के लिए छोटी-छोटी उत्पादन ईकाइयां भी लगाई जाती हैं, मखाने की भारत सहित अरब और यूरोप के देशों में काफी मांग रहती है। मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से मखाना बोर्ड का गठन भी किया गया है। मध्यप्रदेश की जलवायु भी मखाना के उत्पादन के लिए अनुकूल है। इसलिए प्रदेश के किसानों को इस ओर आकर्षित करने की आवश्यकता है।

आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अरविन्द दुबे के मुताबिक प्रदेश के 4 जिलों नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा एवं सिवनी जिले में 150 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर 45 लाख रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। मखाना उत्पादन करने वाले कृषकों को 75 हजार प्रति हेक्टेयर या लागत का 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के 99 कृषकों ने ऑनलाइन आवदेन किया जा चुका है।



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