
भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को मिंटो हाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियां बताई। मां नर्मदा के परिक्रमा पथ को सुगम बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। आश्रय स्थलों के निर्माण के लिए 231 स्थल चिन्हित किए गए हैं। इन स्थलों पर प्रथम चरण में पौधारोपण और फेंसिंग के लिए 4.13 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।
मंत्री ने कहा कि 19 स्थलों पर आश्रय स्थलों और यात्री प्रतिक्षालय के निर्माण के लिए 10.5 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इन आश्रय स्थलों का निर्माण पर्यटन विकास विभाग के माध्यम से शुरू भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि नदियों व जलवायु का संरक्षण हम सभी की सामूहिक चिंता का विषय है। उन्होंने प्रदेश की 106 नदियों के उद्गम स्थलों तक की यात्रा की है। सरकार इन उद्गम स्थलों को संरक्षित व संवर्धित करने का प्रयास कर रही है। 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौधरोपण से पहले फेंसिंग के लिए 2.92 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है।
मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की है। मध्य प्रदेश में श्रमिकों के हित में भी अनेक उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
ये बताई उपलब्धियां
. तीनों स्तर की पंचायतों के कार्यालय भवनों के लिए स्वीकृतियां प्रदान की। उनकी डिजाइन में परिवर्तन भी किया, जिससे भविष्य में उनके ऊपरी मंजिलों का भी निर्माण किया जा सके।
. 2472 अटल ग्राम सेवा सदनों (ग्राम पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 922.20 करोड़ की राशि स्वीकृत की।
. 106 अटल सुशासन भवनों (जनपद पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 557.08 करोड़ की राशि स्वीकृत की।
. 05 अटल जिला सुशासन भवनों (जिला पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 49.98 करोड़ की राशि स्वीकृत की।
. तामिया व भीमबेटिका क्षेत्र के विकास के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम को 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।
. प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान घाटों को सुव्यवस्थित करने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है। इसके लिए दिसंबर, 2026 तक की समय सीमा भी तय की है।
. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पहले चरण में 72975 किलोमीटर लंबाई की 18948 सड़कों का निर्माण किया गया। द्वितीय चरण में 4891 किलोमीटर की 373 सड़कों का निर्माण हुआ तथा तीसरे चरण में 11886 किलोमीटर की 984 सड़कों का निर्माण किया गया। विगत दो वर्षों में इन तीनों चरणों में 913 किलोमीटर लंबाई की सड़क तथा 305 फूलों का निर्माण किया गया है।
. आरसीपीएलडब्ल्यूईए अंतर्गत 18 अप्रैल 107 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण हुआ है।
. प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत 1033 संपर्क विहीन बस्तियों के लिए 2218 किलोमीटर सड़क स्वीकृत की गई हैं।
. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के लिए 10602 बस हटे चिन्ह अंकित की गई है जिनके लिए 1849 किलोमीटर की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है।
आगामी 03 वर्षों की कार्य योजना
. नर्मदा परिक्रमा पथ पर चयनित स्थलों पर 20 से 25 किमी की पारस्परिक दूरी पर नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रध्दालुओं के लिये सर्वसुविधायुक्त आश्रय स्थल/यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण।
. सभी पंचायत भवनों में अटल ई-सेवा केंद्रों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
.पंचायत सचिवों और अन्य विभागीय रिक्त पदों पर भर्ती सुनिश्चित की जाएगी।
. प्रदेश के समस्त ग्रामीण क्षेत्र के श्मशान घाटों का सुव्यवस्थित विकास और निर्बाध पहुंच मार्ग सुनिश्चित किया जाना।
. अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों के व्यवस्थित विकास के लिए मध्य प्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनी विकास) नियमों का युक्तियुक्तकरण करते हुए व्यवस्थित विकास कराया जाएगा।
. ग्रामीण क्षेत्रो में कॉलोनियो के रजिस्ट्रेशन व विकास इत्यादि की अनुमति केंद्रीकृत ऑनलाइन व्यवस्था और EWS हितग्राहियों संबंधी समस्त जानकारियों का पंचायत दर्पण पोर्टल पर प्रदर्शन।
. पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से पंचायतों का वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करना।
. पंचायत दर्पण पोर्टल को वस्तु एवं सेवा कर के पोर्टल से इन्टीग्रेट कर अनिवार्य TDS कटोत्रा सुनिश्चित करना।
. पंचायतों की सशक्त करने के दृष्टिकोण से तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां ऑनलाइन जारी किया जाना।
. मानव संसाधन के बेहतर और प्रभावी प्रबंधन के लिए HRMS पोर्टल का प्रभावी उपयोग।
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