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एमपी में महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन, सीएम डॉ. यादव के नेतृत्व में सशक्तिकरण, पोषण और सुरक्षा पर रिकॉर्ड बजट

02 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एमपी में महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन, सीएम डॉ. यादव के नेतृत्व में सशक्तिकरण, पोषण और सुरक्षा पर रिकॉर्ड बजट
News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
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भोपाल। मध्यप्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बीते वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। बच्चों, किशोरी बालिकाओं और महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, संरक्षण तथा आर्थिक सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए विभाग ने योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया है। इसके साथ ही विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ऐतिहासिक बजट प्रावधान भी सुनिश्चित किया है।


आंगनवाड़ी तंत्र का सशक्त विस्तार

प्रदेश में 453 एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत 97,882 आंगनवाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिनके माध्यम से लगभग 84 लाख हितग्राहियों को सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। आंगनवाड़ियों में जियो-फेंसिंग आधारित ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है। प्रदेश कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की पारदर्शी ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर देश का पहला राज्य बना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए 3,768 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


पोषण अभियान में राष्ट्रीय पहचान

पोषण 2.0 के अंतर्गत मातृ एवं शिशु पोषण, गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार और निगरानी हेतु पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से सभी आंगनवाड़ियों की मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रदेश में फेस मैचिंग प्रणाली लागू कर 94 प्रतिशत हितग्राहियों का सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है, जिसमें देश में प्रथम स्थान पर है।


पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के अंतर्गत टेक होम राशन और गर्म पका भोजन योजना से 60 लाख से अधिक बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को लाभ मिल रहा है। पोषण आहार के लिए 1,150 करोड़ रुपये तथा पोषण अभियान हेतु 250 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है


कुपोषण के विरुद्ध प्रभावी पहल

“मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम” के माध्यम से वर्ष 2025 में पंजीकृत 7.37 लाख गंभीर कुपोषित बच्चों में से 3.71 लाख बच्चों को सामान्य पोषण स्तर पर लाया गया। झाबुआ जिले के “मोटी आई” नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ।


आंगनवाड़ी भवन निर्माण में तेजी

प्रदेश में 5,263 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण प्रगति पर है। आगामी वर्षों में हजारों नए भवनों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 38,900 आंगनवाड़ी भवनों में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना भी प्रस्तावित है। भवन निर्माण, उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं के लिए 459 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।


जनजातीय क्षेत्रों में विशेष पहल

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) में बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों के लिए 704 विशेष आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश वर्ष 2023-24 में स्वीकृत 217 भवनों में से 150 पूर्ण कर देश में प्रथम स्थान पर रहा है।


महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना

“मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” प्रदेश की सबसे बड़ी डीबीटी योजना बन चुकी है। वर्तमान में 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की सहायता दी जा रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक 52,305 करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है। वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


बालिकाओं के भविष्य की मजबूत नींव है लाड़ली लक्ष्मी योजना

“लाड़ली लक्ष्मी योजना” में अब तक 52.56 लाख बालिकाओं का पंजीयन हुआ है। योजना के लिए 1,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

“बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित की गईं, जिनमें लाखों नागरिकों की सहभागिता रही।


सुरक्षा और संरक्षण तंत्र सुदृढ़

प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं तथा 8 नए केंद्रों की स्वीकृति मिली है। महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से इस वर्ष 1.43 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रदेश लगातार अग्रणी रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 386 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


कार्य स्थल और पुनर्वास सुविधाएँ

भोपाल और इंदौर में सखी निवास संचालित हैं, जबकि 8 नए वर्किंग वूमन हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं। शक्ति सदन, शौर्या दल योजना और समेकित बाल संरक्षण योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं एवं बच्चों को संरक्षण और पुनर्वास सहायता प्रदान की जा रही है।


महिला उद्यमिता को बढ़ावा

मध्यप्रदेश महिला वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से हजारों स्व-सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को आर्थिक सहायता एवं ब्याज अनुदान प्रदान किया गया है।


ऐतिहासिक बजट प्रावधान

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की मांग संख्या 55 अंतर्गत कुल 32,730 करोड़ 45 हजार रुपये (भारित छोड़कर) का बजट प्रावधान रखा गया है, जो प्रदेश में महिला एवं बाल कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण और पोषण सुधार के क्षेत्र में जो प्रगति की है, वह राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रही है। सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और पोषण सुधार के त्रिस्तरीय दृष्टिकोण ने प्रदेश को समावेशी विकास की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाया है

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